इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों का डेडलाइन आज 23 जुलाई को खत्म हो गया है। रावलकोट में लगातार चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच आंदोलन करने वाली जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रहता है तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इसने कहा कि उसके नेता गुरुवार को मौजूदा हालात अहम घटनाक्रम और आंदोलन की आगे की रणनीति के बारे में एक जरूरी घोषणा करेंगे।
JAAC नेताओं ने अधिकारियों पर कार्यकर्ताओं को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने और उन्हें प्रताड़ित करने लोगों को जबरन गायब करने और घरों और दुकानों को गिराने का आरोप लगाया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए नेता शौकत नवाज़ मीर और अन्य प्रदर्शनकारियों की तुरंत रिहाई की भी मांग की है।
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न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी पार्टी JAAC के मुख्य सदस्य उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि समिति को 15 जुलाई को भरोसा दिलाया गया था कि उनकी चिंताओं का समाधान कुछ ही दिनों में कर दिया जाएगा। कश्मीरी ने कहा ’15 जुलाई को हमसे वादा किया गया था कि सभी मुद्दों को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा ‘अगर कल तक हमारे मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो हम आगे की कार्रवाई की घोषणा कर सकते हैं।’
कश्मीरी ने चेतावनी दी कि समिति अधिकारियों के कार्रवाई करने का अनिश्चित काल तक इंतजार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा ‘किसी को भी इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हम और ज्यादा इंतज़ार करेंगे।’ हालात को जनता और अधिकारियों के बीच टकराव बताते हुए कश्मीरी ने कहा ‘PoK जॉइंट एक्शन कमेटी और जनता युद्ध की स्थिति में हैं।’










































