घरों की चौखट तक पहुच रहा बाघ,डर के मारे ग्रामीण घरों में हुए कैद

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रात में बाघ की दहाड़ से सहमे लोग,पांढरवानी की गलियों में चक्कर लगा रहा बाघ,
3 दिनों गांव में दिख रहा बाघ का मूमेंट, खेतों में मिले पंजे के निशान,ट्रैप कैमरों में कैद हुई तस्वीरें,
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पदमेश न्यूज़।खैरलांजी।खैरलांजी क्षेत्र के जंगल से सटे गांवों में बाघ की दहशत अब घरों की चौखट तक पहुंच गई है। ग्राम पंचायत मिरगपुर के पांढरवानी के सतीटोला और बानाटोला में पिछले तीन दिनों से लगातार बाघ का मूवमेंट ग्रामीणों की नींद उड़ा रहा है। गांव की गलियों से लेकर खेतों तक बाघ के पंजों के निशान मिल रहे हैं। हाल ही में तीन मवेशियों का शिकार और एक ग्रामीण की मौत के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। स्थिति यह है कि शाम ढलते ही गांव के लोग घरों में कैद हो जाते हैं।

मवेशी चराने गया था देवकराम, अगले दिन मिली थी लाश
ज्ञात हो कि 9 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे पांढरवानी निवासी देवकराम वाघमारे मवेशी चराने गांव के समीप जंगल की ओर गया था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। 10 अगस्त की सुबह गांव के श्मशान घाट से लगे जंगल में उसका शव मिला। आसपास मवेशी भी मृत अवस्था में पड़े थे। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर बाघ के हमले में मौत होने की आशंका जताई गई।देवकराम की मौत के बाद से ही क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार अब बाघ जंगल तक सीमित नहीं है, बल्कि आबादी के आसपास तक पहुंच रहा है।

अब जंगल छोड़, घरों की चौखट तक पहुच रहा बाघ
10 अगस्त की रात से 11 अगस्त की तड़के सुबह तक गांव के भीतर बाघ और उसके कुनबे की मौजूदगी की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों ने बाघ की दहाड़ सुनने की बात कही है। खेतों और घरों के आसपास बाघ के पंजों के निशान भी देखे गए हैं।
जिस स्थान पर बाघ द्वारा मवेशियों और ग्रामीण पर हमला किया गया था, वहां वन विभाग ने करीब चार ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों में बाघ की तस्वीर भी कैद हुई है। इससे वन विभाग को उसकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल रही है।

ग्रामीण बोले- जंगल नहीं, अब घरों के आसपास मंडरा रहा खतरा
बाघ के लगातार मूवमेंट से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।शाम के बाद जंगल की तरफ जाना लगभग बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जंगल में वन्यप्राणी होने का खतरा रहता था, लेकिन अब बाघ के गांव की सीमा में आने से हर समय जान का डर बना हुआ है।

अगले 2-3 दिन अहम, कैमरे से गतिविधि पर रखी जा रही नजर
वन विभाग का कहना है कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जाएंगे।
आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाकर बाघ को रेस्क्यू किया जाएगा।वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। जगह-जगह लगाए गए ट्रैप कैमरों के माध्यम से बाघ के मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

एक नजर में
पांढरवानी में बाघ की दहशत
लगातार 03 दिनो से गांव में बाघ का मूवमेंट
03 मवेशी का कर चुका है शिकार
बाघ के हमले से ग्रामीण देवकराम वाघमारे की मौत
बाघ की निगरानी के लिए लगाए गए 4 ट्रैप कैमरे
ग्रामीणों में भय का माहौल

सभी को अलर्ट रहने कहा गया है- यशपाल मेहरा
चर्चा के दौरान वन परिक्षेत्र कटंगी,एसडीओ यशपाल मेहरा ने बताया कि ग्रामीण विभाग के साथ समन्वय बनाकर रखें। शाम के समय घर से बाहर न निकलें और जंगल की तरफ न जाएं। जगह-जगह कैमरे लगाए गए हैं और बाघ के मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है। आगे कोई गंभीर घटना न हो, इसके लिए सभी को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है। अगले दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य करने का प्रयास है।आवश्यकता पड़ी तो पिंजरा लगाकर बाघ का रेस्क्यू भी किया जाएगा।

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