बाढ़ में कटी सडक़ दे रही दुर्घटनाओं को आमंत्रण, दर्दनों गांवों को जोडऩे वाला मुख्य संपर्क मार्ग का खस्ताहाल
जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर ग्रामीण, जिम्मेदार मौन, निर्माण करवाने की उठी मांग
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। शासन-प्रशासन की प्रशासनिक ढिलाई और अनदेखी का खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। दर्जनों गांवों को आपस में जोडऩे वाला देवरी से ददिया पहुंच मार्ग प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया है। जिसके कारण पिछले वर्ष सर्राटी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण सडक़ का एक बड़ा हिस्सा मिट्टी के कटाव की वजह से बह गया गया है। जिसके बाद से यह मार्ग बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है, धीरे-धीरे सडक़ के नीचे की मिट्टी धसकने लगी है और आधे हिस्से की सडक़ कटकर बह जाने से आवागमन में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अगर तेज बारिश होने के साथ ही सर्राटी नदी में बाढ़ आती है और पानी का तेज बहाव से सडक़ कटकर बह जायेगी। ऐसी स्थिति में इस मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणजन एवं राहगीरों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं सडक़ किनारे निवासरत लोगों के मकानों के अंदर भी नदी का पानी पहुंच सकता है जिससे उन्हे आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ सकती है। हर समय इस मार्ग से आवागमन करने वालों के मन में डर बना रहता है कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए है। जिससे ग्रामीणजन एवं राहगीरों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
स्वीकृति के बावजूद अटका काम, बढ़ रहा हादसों का खतरा
आपकों बता दे कि लालबर्रा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवरी से ददिया पहुंच मार्ग के समीप से सर्राटी नदी गुजरी है और पिछले वर्ष तेज बारिश होने एवं बाढ़ आने से सडक़ का कुछ हिस्सा कटकर बह चुका है और धीरे-धीरे उसके नीचे की मिट्टी धसक चुकी है। साथ ही सडक़ का आधा हिस्सा कटकर बह जाने से आवागमन में सभी को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। वहीं क्षतिग्रस्त स्थान पर कोई संकेतक बोर्ड भी नही लगाया गया है। अगरात्रि के समय दुपहिया एवं चौपहिया वाहन चालक तेज गति से गुजरते है और उन्हे क्षतिग्रस्त स्थान दिखाई नही देता है तो वे सडक़ से सीधे नदी के अंदर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकते है जिससे बहुत बड़ी दुर्घटनाघटित हो सकती है। लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए विधायक श्रीमती अनुभा मुंंजारे के द्वारा देवरी से ददिया मार्ग की स्वीकृति दिलवाई है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नही हो पाया है। जिससे ग्रामीणजनों एवं राहगीरों में प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। जबकि यह मार्ग आसपास के दर्जनों गांवों से जोडऩे वाला मुख्य मार्ग है और अन्य वैकल्पिक मार्ग काफी लंबे, समय अधिक लगने वाले है। जिसके कारण ग्रामीणजन एवं स्कूली बच्चें हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।
निर्माण नही होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त
ग्रामीण एवं राहगीरों ने बताया कि देवरी से ददिया सडक़ की बदहाली और खतरे को देखते हुए कई बार शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत करवाया गया था। जिसके बाद विधायक महोदया के द्वारा सडक़ निर्माण की स्वीकृति भी दिलवाई गई है और लाखों रूपये स्वीकृत भी हुए है। बरसात के पूर्व अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया है लेकिन निर्माण कार्य प्रारंभ तक नही हुआ है। जबकि बरसात के पहले ही सडक़ बनकर तैयार हो जाना चाहिए था लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते धरातल पर कुछ भी काम नही हुआ है। वर्तमान में सडक़ की स्थिति और अधिक डरावनी हो चुकी है। आगे बताया कि मानसून के इस मौसम में यदि सर्राटी नदी में दोबारा जलस्तर बढ़ता है, तो बचा हुआ मार्ग भी नदी के तेज बहाव में पूरी तरह बह सकता है। ऐसे में गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जायेगा और कोई भी बड़ा दर्दनाक हादसा घटित हो सकता है। जब काम की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू करवाने में देरी क्यों की जा रही है?। अगर समय रहते निर्माण पूरा कर दिया जाता, तो आज ग्रामीणों को इस खौफ के साये में न जीना पड़त…










































