Nepal Flash Flood: नेपाल में विनाशकारी भोटेकोशी बाढ़ के बाद चितवन में त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे 233 शव मिले हैं, जिनमें सिर्फ 4 की पहचान हो सकी है। शवों के सड़ने और संक्रमण के खतरे को देखते हुए चितवन प्रशासन ने डीएनए सैंपल और रेफरेंस नंबर के आधार पर रिकॉर्ड तैयार करने के बाद अज्ञात शवों को दफनाने का फैसला किया है।Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली है। खबर लिखे जाने तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, हजारों लोग लापता है। वहां शवों को रखने के लिए सेंटर्स कम पड़ चुके हैं। अभी भी लगातार शवों को बाहर निकाला जा रहा है। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति चितवन इलाके की है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा शव मिले हैं।
इसी बीच चितवन में भोटेकोशी बाढ़ के बाद त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे मिले शवों को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। चितवन प्रशासन ने पहचान नहीं हो सके शवों और शवों के अंगों को डीएनए सैंपल लेने और रेफरेंस नंबर के आधार पर रिकॉर्ड तैयार करने के बाद दफनाने का निर्णय लिया है। चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्याल ने शनिवार सुबह जारी प्रेस रिलीज में बताया कि चितवन क्षेत्र में अब तक 233 शव मिले हैं, जिनमें से केवल चार की पहचान हो सकी है। बाकी शवों की पहचान नहीं हो पाई है।
प्रशासन के मुताबिक, लंबे समय से पड़े होने के कारण कई शव और उनके अंग सड़ चुके हैं और उनसे दुर्गंध आने लगी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय और विश्लेषण के आधार पर प्रशासन ने आशंका जताई है कि इन शवों से संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है।डीएनए सैंपल लेकर रखा जाएगा रिकॉर्ड
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दफनाने से पहले शवों के DNA सैंपल लिए जाएंगे। प्रत्येक शव का रेफरेंस नंबर के आधार पर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति के लापता परिजन की पहचान से संबंधित जांच में इन नमूनों और रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि जिन शवों और शवों के अंगों की स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी है, उन्हें अब पारंपरिक तरीके से सुरक्षित रखना संभव नहीं है। ऐसे में शवों को सम्मानजनक, सुरक्षित और कानूनी तरीके से दफनाना जरूरी हो गया है।
भरतपुर में होगी शवों की व्यवस्था
चितवन प्रशासन के अनुसार, जिला सुरक्षा समिति के फैसले के आधार पर शवों को भूमिगत दफनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए भरतपुर महानगरपालिका-1 के एक खुले क्षेत्र को निर्धारित किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा कि यह कदम शवों के लगातार सड़ने से रोकने, संभावित संक्रमण के खतरे को कम करने और शवों को सम्मानजनक तरीके से सुरक्षित रूप से व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।










































