धार्मिक आस्था एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन का महापर्व
बहनों ने तिलक लगाकर भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र, बाजारों और बसों में रही भारी भीड़
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट स्नेह का प्रतीक महापर्व रक्षाबंधन शुक्रवार २८ अगस्त को समूचे क्षेत्र में पूर्ण धार्मिक आस्था, परंपरा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सावन माह के अंतिम दिन आयोजित इस पावन अवसर पर सुबह से ही राखी और मिठाई की दुकानों पर बहनों एवं भाइयों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे दिन भर बाजारों में काफी चहल-पहल बनी रही।
वहीं रक्षाबंधन पर्व के दिन शुभ मुहूर्त पर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर कुमकुम-चंदन का तिलक लगाया, आरती उतारी और कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु जीवन व उज्जवल भविष्य की कामना की, तत्पश्चात भाइयों का मुंह मीठा करवाया गया। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों को यथाशक्ति उपहार भेंट कर जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन दिया।
बच्चों में दिखा खासा उत्साह, मेहंदी से सजे हाथ
आपकों बता दे कि इस भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह छोटे बच्चों में देखने को मिला। जिन्होंने अपनी पसंद की रंग-बिरंगी और कार्टून वाली राखियों से अपनी कलाइयों को सजाया। रक्षाबंधन की पूर्व रात्रि में महिलाओं और युवतियों ने अपने हाथों में आकर्षक मेहंदी रचाकर त्यौहार की तैयारियां पूरी की थी। बहनों ने भाइयों के साथ बाजार पहुंचकर श्रृंगार सामग्री, चूड़ी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। वहीं रक्षाबंधन पर्व के त्यौहार के दौरान सुबह से लेकर शाम तक लालबर्रा मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम साफ रहा। हालांकि दोपहर बाद आसमान में बादलों की आवाजाही से मौसम बदला, लेकिन बारिश न होने से बहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में राहत मिली। साथ ही दिनभर मुख्य मार्ग और ग्रामीण सडक़ों पर बाइक सवार भाई अपनी बहनों को ले जाते नजर आये, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय और धार्मिक बना रहा।
बसों में उमड़ी भीड़, विश्राम गृह से थाने तक बार-बार लगा जाम
भाई-बहनों के अटूट प्रेम का महापर्व रक्षाबंधन पर्व को लेकर शुक्रवार को सुबह से ही बसों में भीड़ रहने के साथ ही राखियों की दुकान व बाजार गुलजार रहे। साथ ही सुबह से ही बस स्टैण्ड में महिलाओं की भीड़ एकत्रित होनी शुरू हो गई थी और बसों में भीड़ रहने के बाद भी वे भाईयों के घर जल्दी पहुंचने के चक्कर में बसों व ऑटों में बैठकर जाने के लिए तैयार हो गये। जिससे बसों और ऑटो रिक्शा में यात्रियों की भीड़ देखी गई। वहीं बस चालक व कंडेक्टर ने भी क्षमता से अधिक सवारी लिये। जिससे यात्रियों को भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा परन्तु वे भी किसी प्रकार का विरोध करते नजर नही आये क्योंकि उन्हे भी अपने गंतव्य की ओर जाना जरूरी था। पर्व के मद्देनजर सभी बसें ठसाठस यात्रियों से भरी नजर आई और उनके आने-जाने का समय भी परिवर्तित होने के कारण महिलाओं को कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर नगर मुख्यालय के विश्राम गृह से लेकर थाने तक बड़े वाहनों की आवाजाहीऔर लोगों की भारी भीड़ के कारण बार-बार जाम की स्थिति निर्मित होती रही, जिससे राहगीरों और भाई-बहनों को कुछ समय के लिए परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।










































