इंसानों के दिल में बस गई ‘जहरीली नागिन’, 12 दिन से इंसानों संग रह रही, चम्मच से दूध-पानी पीने लगी, लोग हाथों से ‘फन’ सहला रहे…

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कोबरा प्रजाति की जहरीली और खतरनाक नागिन को क्या चम्मच से दूध-पानी पिलाया जा सकता है? क्या आम इंसान उसके फन को अपने हाथों से सहला सकता है? धार जिले के साली गांव में एक नागिन 12 दिन से एक स्थान पर मौजूद है और लोग उसे चम्मच से दूध पिला रहे हैं। उसे देवी-देवता मानकर उसका मंदिर बनाने लगे हैं.धार: इच्छाधारी नागिन…नागिन के रूप में देवता…सुनने में अजीब सा लगता है, लेकिन एमपी के धार जिले के साली गांव में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक नागिन रेस्क्यू के बाद भी वापस लौट आई। उसे इंसानों से परहेज नहीं। लोग उससे दो फीट दूरी पर बैठकर चम्मच से पानी-दूध पिला रहे। कई तो उसके फन को सहलाते दिखे। नागिन की खूब पूजा-पाठ हो रही, लेकिन उसके किसी पर भी हमला नहीं किया। लोग इसे भीलटदेव का चमत्कार मान रहे हैं।

दरअसल मध्य प्रदेश के धार जिले के गंधवानी क्षेत्र के साली गांव में एक नागिन इन दिनों लोगों की आस्था और कौतूहल का केंद्र बनी हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि वन विभाग द्वारा जंगल में छोड़े जाने के बाद नागिन दोबारा उसी जगह लौट आई और करीब 12 दिनों से सड़क किनारे एक ही इलाके में दिखाई दे रही है। नागिन को ग्रामीण भगवान भीलट देव का स्वरूप मान रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग पूजा-पाठ के लिए पहुंच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग नागिन को चम्मच से पानी और दूध पिला रहे हैं, जबकि कई लोग उसके बेहद करीब जाकर फन को हाथ से सहला रहे हैं।जंगल में छोड़ा, फिर वापस उसी जगह पहुंची नागिन

ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ दिन पहले सड़क किनारे नागिन दिखाई देने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर नागिन का रेस्क्यू किया और उसे आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में छोड़े जाने के कुछ समय बाद नागिन फिर उसी स्थान पर लौट आई। इसके बाद वह लगातार एक ही जगह पर मौजूद है।

नागिन को देखने उमड़ रही लोगों की भीड़

नागिन के आसपास धीरे-धीरे लोगों की भीड़ बढ़ती गई। महिलाएं, पुरुष और बच्चे उसके नजदीक जाकर पूजा करते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार, नागिन करीब 10 दिन बाद तय स्थान से निकली और आसपास करीब 20 से 30 फीट के दायरे में रेंगती रहती है और लोग उसके आगे-पीछे घूमते रहते हैं। लोगों ने मौके पर पूजा-पाठ शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह स्थान ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन गया।

चम्मच से दूध-पानी पिलाने लगे लोग

मामला तब और चर्चा में आ गया, जब लोगों ने नागिन को चम्मच से पानी और दूध पिलाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि नागिन चम्मच से पानी और दूध ग्रहण कर रही है।

कुछ लोग तो नागिन के इतने करीब पहुंच गए कि उसके फन को हाथ से सहलाने लगे। हालांकि कोबरा बेहद जहरीला सांप होता है और उसका शांत दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हमला नहीं करेगा। विशेषज्ञों की दृष्टि से इस तरह सांप के बेहद करीब जाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

नागिन को मान रहे भगवान भीलट देव का स्वरूप

स्थानीय ग्रामीण नागिन के एक ही स्थान पर लंबे समय तक दिखाई देने को भगवान भीलट देव से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का मानना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है। इसी आस्था के चलते जिस जगह नागिन दिखाई देती है, वहां मंदिर बनाने की तैयारी भी शुरू होने की बात सामने आई है।

मौके पर टेंट लगाने के साथ पूजा-पाठ का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर निर्माण के लिए लोहे के सरिए समेत अन्य सामग्री जुटाने की भी जानकारी सामने आई है।

दो दिन तक रेस्क्यू का विरोध

नागिन के आसपास बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और वन विभाग ने एक बार फिर मोर्चा संभाला। वन विभाग नागिन को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहता था, लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं थे।

ग्रामीणों का कहना था कि नागिन किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रही है और वे उसे देवता का स्वरूप मानकर पूजा कर रहे हैं। पुलिस और वन विभाग ने गांव के बुजुर्गों और लोगों को समझाया कि जहरीले सांप के इतने करीब जाना किसी भी समय हादसे का कारण बन सकता है। करीब दो दिन तक समझाइश और बातचीत के बाद ग्रामीणों ने रेस्क्यू की अनुमति दी।

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