राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारत की अध्यक्षता के विजन को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में पूरा ध्यान चार मुख्य स्तंभों—रेजिलिएंस (Resilience), इनोवेशन (Innovation), कोऑपरेशन (Cooperation), और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पर केंद्रित रहा है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों को समय रहते पहचानना होगा, और तुरंत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में वैश्विक दक्षिण का विश्वास बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा, मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा दृष्टिकोण को एक ‘विन-विन’ (Win-Win) साझेदारी में बदलने में सफल रहे हैं।
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का दुनियाभर में आम लोगों के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने और खासकर ग्लोबल साउथ में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। ग्लोबल साउथ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।










































