भारत की राजधानी दिल्ली में इन दिनों विदेशी मेहमानों का तांता लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तमाम राष्ट्राध्यक्ष यहां आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं, जहां हो रही बैठकों पर दुनिया की नजर है।
भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है और इस समूह में चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देश शामिल हैं। हालांकि, इस सम्मेलन में एक ऐसा देश शामिल नहीं है, जो पिछले करीब तीन सालों से ब्रिक्स की सदस्यता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। यह देश कोई और नहीं बल्कि, हमारा अपना पड़ोसी पाकिस्तान है।
इस्लामाबाद ने 2023 में ब्रिक्स की सदस्यता के लिए आवेदन किया था। ऐसे में चीन और रूस जैसे देशों का उसे समर्थन भी मिला। इसके बावजूद पाकिस्तान अभी तक ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य नहीं बन पाया है।










































