पोला पर्व सामाजिक समरसता और पारिवारिक एकता को दर्शाता है-रामकुमार नगपुरे
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। क्षेत्र में पोला त्योहार कृषि संस्कृति और पारंपराओं से गहराइयों से जुड़ा हुआ है। यह त्यौहार भाद्रपद मास की अमावस्या को मनाया जाता है और विशेष रूप से किसानों के द्वारा बैलों के प्रति श्रद्धा और आभार प्रकट करने के लिए समर्पित होता है। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी पोला पर्व खैरलांजी निवासी पूर्व सरपंच स्व.मोहनलाल नगपुरे के घर से किसानो व जनप्रतिनिधियों के साथ आरती की थाल लेकर खैरलांजी के आंबेडकर पहुँचे। जिसके पश्चात बैलो की पूजा अर्चना की गई और बैलो को दौड़ाया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार नगपुरे ने बताया की पोला पर्व केवल एक धार्मिक त्योहार ही नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और पारिवारिक एकता को भी दर्शाता है। पोला पर्व मुख्य रूप से किसानों का त्यौहार है जो कृषि में बैलों की अहम भूमिका को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन किसान अपने बैलों को स्नान कराते हैं उन्हें सजाते हैं और बैलो के सिंग पर तेल लगाकर उन्हें सुंदर रंगों से सजावट करते है। वहीं बैलों को फ ूलों की मालाओं और रंग बिरंगे कपड़ों से सजाया जाता है। किसान अपने बैलो की पूजा कर उसे विशेष भोजन खिलाते हैं इस दिन पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते है। श्री नगपुरे ने बताया कि बैलों की साज सज्जा में प्रथम इनाम कार्तिक बहेटवार आलमारी,द्वितीय प्रहलाद पताहे डे्रसिंग,तृतीय फदिस पताहे होमथेटर,चौथा इनाम रूपेश सिहोरे टेबल पंखा, पांचवा इनार्म रामरत्न लिल्हारे को प्रेस इनाम के रूप में दिया गया है। वहीं अन्य किसानों को भी इनाम दिया जाता है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार नगपुरे, भगतसिंह नगपुरे,सदाराम लिल्हारे, योगेन्द्र कृपगये, अनिल कृपगये, मदनलाल बनोटे, विनोद लिल्हारे, राजकुमार नगपुरे, शरद नगपुरे, कामता प्रसाद दमाहे, किरण लोधी, धनेन्द्र मसखरे, ज्ञानीराम लिल्हारे, सहशराम बहेटवार, सुरेश दमाहे,अजबसिंह कृपगये, कपील मेश्राम, रामेश्वर लिल्हारे, दिनेश दमाहे, पितम दमाहे, गिरीश नगपुरे, नितेंद्र नगपुरे, संभरसिंह मसखरे, रूपेश शिवहरे, छन्नू दमाहे,लक्ष्मण देवारे, रामेश्वर लिल्हारे, नरेंद्र बसेने, राजेश पताहे,विनोद देवगडे, किशन मसखरे, राधेश्याम लिल्हारे,बालचंद करकाडे, निलू नगपुरे, बुधराम नगपुरे,दुर्गा मंदरेले सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






































