मुख्यमंत्री के नाम ११ सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। खैरलाँजी क्षेत्र के किसानों की विभिन्न गंभीर समस्याओं और उनके हक अधिकारों को लेकर २५ सितंबर को किसान गर्जना संगठन के द्वारा शासन प्रशासन के खिलाफ एक विशाल जनांदोलन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान गर्जना के जिलाध्यक्ष रामकुमार नगपुरे ने की वहीं आंदोलन के दौरान उपस्थित किसान नेताओं और ग्रामीणों ने सरकार द्वारा किसानों के साथ की जा रही वादाखिलाफी तथा शासन की दोहरी नीतियों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने ने कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों से मुकर रही है जिससे किसान भुखमरी और आर्थिक तंगी की कगार पर पहुंच गए हैं। किसानों ने मांग की कि शासन अतिशीघ्र अपने वादों पर खरा उतरे और क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करें। इस आंदोलन में किसान गर्जना संगठन के पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।
नायाब तहसीलदार को सौंपा ११ सूत्रीय ज्ञापन
आंदोलन के समापन पर किसान गर्जना संगठन के बैनर तले मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम ११ सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन नायाब तहसीलदार खैरलांजी को सौंपा गया। ज्ञापन में क्षेत्र में लगातार बारिश एवं कीट व्याधि के प्रकोप से धान की फ सल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खैरलांजी क्षेत्र को अविलंब आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर किसानों को फ सल मुआवजा, प्रधानमंत्री फ सल बीमा का लाभ एवं २५००० रुपये प्रति किसान बोनस राशि दी जाने, सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार किसानों की धान ३१०० रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदें, कृषि पंपों के लिए प्रतिदिन १८ घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए धान की खरीदी ३१०० रुपये प्रति क्विंटल सरकारी समर्थन मूल्य पर ही की जाए, क्षेत्र के सभी किसानों की बिना किसी शर्त के संपूर्ण कर्जमाफी की जाने, धान की फ सलों में कीट एवं माहू लगने से फसलें नष्ट हो रही हैं तत्काल सर्वे कराकर अतिशीघ्र मुआवजा राशि दी जाने,क्षेत्र में जारी जुआ सट्टा, अवैध शराब, गोतस्करी एवं चोरी की घटनाओं पर तत्काल सख्त कार्यवाही की जाने, बाजार में बिक रहे नकली खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाइयों पर तुरंत कार्यवाही करते हुए कड़े प्रतिबंध लगाए जाने, ग्रामीणों की सुविधा के लिए खैरलांजी मुख्यालय, आरंभा और मिरगपुर इन तीन स्थानों में आधार कार्ड सेंटर खोले जाने, क्षेत्र में जंगली सुअरों का आतंक अत्यधिक बढ़ चुका है, जिससे धान, गन्ना,सुरन, सुहिया, चना, हल्दी आदि की फसलें बर्बाद हो रही हैं। डर के मारे किसान खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, अत: किसानों को सुअर मारने का अधिकार दिया जाने। जर्जर हो चुकी सिंचाई नहरों की तत्काल मरम्मत कराई जाने मांग की गयी। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी से भी क्षेत्र में अमन चैन बनाए रखने, पीडित किसानों व ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता से निराकरण करने और अपराधों पर नियंत्रण हेतु कड़े कानून का पालन कराने की मांग की गई। थाना प्रभारी ने क्षेत्र में पूरी तरह से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया।
भाजपा सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी और दोहरी नीति अपना रही-रामकुमार नगपुरे
जिलाध्यक्ष रामकुमार नगपुरे ने कहा की मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों के साथ लगातार वादाखिलाफी और दोहरी नीति अपना रही है। चुनाव के समय किसानों से बड़े.बड़े वादे किए गए थे लेकिन आज जब किसान प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है तो सरकार ने आंखें मूंद ली हैं। खैरलांजी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और कीट.व्याधि माहू के प्रकोप से किसानों की धान की फ सलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। हमारी शासन.प्रशासन से मांग है कि पूरे खैरलांजी क्षेत्र को अविलंब आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जाए। किसानों को तत्काल फसल मुआवजा प्रधानमंत्री फ सल बीमा योजना का लाभ देकर सरकार अपने चुनावी वादे पर खरा उतरते यदि शासन प्रशासन ने हमारी ११ सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो किसान गर्जना संगठन पूरे जिले में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।









































