मूर्ति के पीछे कुंडली मारकर बैठा विशाल अजगर, ग्रामीणों ने आस्था से जोड़ा, वन विभाग-पुलिस पहुंची
पहाड़-जंगल से मंदिर तक आने का अनुमान
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट।माता के मंदिर में विशाल अजगर पहुंचा तो देखते ही देखते यह नजारा गांव में चर्चा का विषय बन गया। कोई इसे माता रानी का संदेश मान रहा है, तो कोई भगवान भोलेनाथ का अंश बताकर पूजा-अर्चना में जुटा है। मंदिर में अजगर को देखने और माता अन्नपूर्णा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मामला बालाघाट जिले के बिटोड़ी गांव स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर का है, जहां सुबह के वक़्त मंदिर के पुजारी ने माता की प्रतिमा के सामने अजगर को बैठे देखा। इसके बाद गांव में खबर फैली और मंदिर परिसर में लोगों का जमावड़ा लग गया।
माता की प्रतिमा के पीछे जमाया डेरा
जानकारी के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के ज्वारा विसर्जन के दौरान रात में अजगर कहीं से मंदिर परिसर में पहुंच गया। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो विशाल अजगर माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा के सामने दिखाई दिया। बाद में वह प्रतिमा के पीछे कुंडली मारकर बैठ गया। मंदिर में अजगर की मौजूदगी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे। लोगों ने इस घटना को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
ग्रामीण बोले- माता रानी का कोई संदेश होगा
मंदिर में अजगर को देखकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे माता रानी का संदेश मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि पहाड़ पर विराजे बाबा भोलेनाथ का अंश यहां पहुंचा है और वह अपनी मर्जी से ही वापस चला जाएगा। मंदिर के पुजारी सुरेश लिल्हारे के अनुसार, अजगर रात में मंदिर से चला जाता है और सुबह फिर दिखाई देने लगता है। उनका कहना है कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु पूजा करते हैं और अब तक अजगर ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है।
वन विभाग-पुलिस भी पहुंची, मंदिर से लगा है पहाड़
मंदिर परिसर में अजगर के पहुंचने की जानकारी मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। वन विभाग की ओर से अजगर को पकड़ने की बात कही गई, लेकिन ग्रामीण उसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। मंदिर के पास पहाड़, तालाब और जंगल होने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि अजगर इसी प्राकृतिक क्षेत्र से निकलकर मंदिर तक पहुंचा होगा।
आस्था अपनी जगह, सुरक्षा भी जरूरी
माता के मंदिर में अजगर की मौजूदगी ने जहां ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं को आकर्षित किया है, वहीं वन्यजीव सुरक्षा का सवाल भी महत्वपूर्ण है।बताया गया कि अजगर सामान्यतः विषहीन होता है, लेकिन बड़ा होने के कारण उसके पास जाना या उसे छूने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और वन विभाग की निगरानी में ही स्थिति को संभालना जरूरी है।









































