Satya Sanatan Padyatra: 930 किलोमीटर की पदयात्रा, गांवों की पगडंडियां और लोगों से सीधा संवाद… दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ में अमृता राय भी कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। सिंदूरिया गांव में एक बुजुर्ग महिला को गले लगाने का उनका भावुक पल चर्चा में आया। अमृता के मुताबिक, महिला के हाथ से लाठी छूट गई और वह सीधे खड़ी हो गईं।
गुना: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘ सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा ’ में उनकी पत्नी अमृता राय भी साथ चल रही हैं। उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित इस पदयात्रा के दौरान गांवों में लोगों से मुलाकात और संवाद के कई प्रसंग सामने आ रहे हैं।अमृता राय ने सिंदूरिया गांव की एक बुजुर्ग महिला से मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि महिला अपनी बहू और बच्चों के साथ लाठी के सहारे खड़ी थीं। अमृता उनके पास पहुंचीं और उन्हें गले लगाया। उनके मुताबिक, इसी दौरान महिला के हाथ से लाठी छूट गई और वह सीधे खड़ी हो गईं। अमृता ने इस अनुभव को प्रेम और आत्मीयता से जुड़ा भावुक पल बताया।
खेतों में महिलाओं से भी मिल रहीं अमृता राय
यात्रा के दौरान अमृता राय ग्रामीण इलाकों में लोगों से बातचीत कर रही हैं। वह खेतों में प्याज की बुवाई कर रहीं महिला किसानों से भी मिलीं और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कीमीडिया से बातचीत में उन्होंने इस यात्रा को दिग्विजय सिंह की पहले की नर्मदा परिक्रमा से अलग बताया। उनके अनुसार, नर्मदा परिक्रमा निजी आध्यात्मिक संकल्प थी, जबकि मौजूदा यात्रा सार्वजनिक मुद्दों और राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के सवालों को उठाने के उद्देश्य से निकाली गई है।
उज्जैन से अयोध्या तक 930 किलोमीटर का सफर
दिग्विजय सिंह की यह पदयात्रा उज्जैन में पूजा-अर्चना के बाद विजयादशमी पर शुरू हुई थी। खबर के मुताबिक, यात्रा के चौथे दिन देवाखेड़ा-जूनापानी जोड़ पर विराम हुआ। यात्रा में धर्मरथ, भगवान रामलला की प्रतिमा और पवित्र नदियों के जल से सजे कलश भी शामिल हैं। लंबी पदयात्रा के दौरान अमृता राय की मौजूदगी और ग्रामीणों से उनकी मुलाकातें भी चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं।






































