एल्युमिनियम के बर्तन और पेय पदार्थों से जुड़े उत्पादों के लिए सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। इस नियम के तहत बर्तनों पर ISI मार्क अनिवार्य किया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं…घर के लिए एल्युमिनियम के बर्तन खरीदते समय अब सिर्फ उनकी कीमत और मजबूती देखना काफी नहीं होगा। बर्तनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश, 2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी है। इसके तहत एल्युमिनियम के बर्तनों और पेय पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ उत्पादों पर BIS का ISI मार्क अनिवार्य किया गया है। हालांकि, ये नियम अलग-अलग श्रेणी के कारोबारियों के लिए तय तारीखों से लागू होंगे।
एल्युमिनियम के बर्तनों पर ISI मार्क जरूरी
नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत एल्युमिनियम के बर्तनों के लिए IS 1660:2024 मानक निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार, संबंधित बर्तनों पर ISI मार्क होना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बर्तन पहचानने में मदद मिलेगी। इसलिए बर्तन खरीदते समय उसके ऊपर बने ISI निशान और उससे जुड़ी जानकारी पर ध्यान देना जरूरी होगा।
पेय पदार्थों के बर्तनों के लिए भी नियम
एल्युमिनियम से बने पेय पदार्थों से जुड़े उत्पादों के लिए भी गुणवत्ता मानक तय किए गए हैं। इनके लिए IS 14407:2023 के अनुसार ISI मार्क अनिवार्य किया गया है। ऐसे उत्पाद खरीदने वाले ग्राहकों को भी संबंधित गुणवत्ता चिह्न की जांच करनी चाहिए। इससे उत्पाद के निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की पहचान करने में मदद मिल सकती हैकारोबारियों के लिए अलग-अलग तारीखों से लागू होंगे नियम
नए नियम सभी कारोबारियों पर एक ही तारीख से लागू नहीं होंगे। उद्यमों की श्रेणी के अनुसार इसके लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। सामान्य उद्यमों के लिए ये नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। वहीं, लघु उद्यमों को 1 जुलाई 2027 तक का समय दिया गया है। सूक्ष्म उद्यमों के लिए नियम लागू होने की तारीख 1 अक्टूबर 2027 निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के कारोबारियों को नए मानकों के अनुसार तैयारी करने का समय मिलेगा।
पुराने स्टॉक को बेचने के लिए मिलेगी छूट
नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश में पुराने स्टॉक को लेकर भी प्रावधान किया गया है। निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर पुराने स्टॉक की बिक्री की अनुमति छह महीने तक दी जा सकती है। हालांकि, यह छूट तय शर्तों के अधीन होगी। इसलिए कारोबारियों को पुराने स्टॉक की बिक्री से जुड़े प्रावधानों का पालन करना होगा।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
गुणवत्ता नियंत्रण आदेश का उल्लंघन करने पर BIS अधिनियम, 2016 के तहत दंड का प्रावधान है। ऐसे में संबंधित कारोबारियों को तय मानकों और लागू होने की तारीखों का ध्यान रखना होगा। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इन प्रावधानों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे एल्युमिनियम के बर्तन खरीदते समय ISI मार्क की जांच करें और गुणवत्ता से जुड़े नियमों के प्रति जागरूक रहें।









































