Hardeep Singh Puri: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के तमाम वरिष्ठ दिग्गजों की मौजूदगी में मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनका जीतना भी लगभग तय माना जा रहा है।भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर शनिवार को राजधानी भोपाल में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रही। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए विधिवत अपना नामांकन दाखिल किया। विधानसभा परिसर में पर्चा दाखिल करने के दौरान उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा व राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और सांसद वी.डी. शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य और बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे।
नेताओं ने किया पुरी का स्वागत
पार्टी नेताओं ने केंद्रीय मंत्री पुरी का स्वागत किया और विधानसभा में मजबूत संख्या बल के आधार पर उनकी जीत का पूरा भरोसा जताया। हालांकि, इस बीच तेलंगाना के कंटे सायन्ना द्वारा भी नामांकन पत्र भरने के लिए विधानसभा पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार इस सीट के लिए 12 नवंबर को मतदान और मतगणना संपन्न होगी।कांग्रेस का तीखा विरोध और पुतला दहन
एक तरफ जहां सत्ताधारी दल इस चुनाव को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी पर कड़ा ऐतराज जताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने उनकी उम्मीदवारी पर सवाल खड़े करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और विरोध प्रदर्शन किया। इसके विरोध में एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर पुतले भी फूंके। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के बाहर के नेताओं को थोपा जा रहा है, जबकि पार्टी ने इस उम्मीदवारी को लेकर अन्य मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा है।प्रचंड बहुमत के कारण जीतना तय
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा में बीजेपी के पास प्रचंड बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस का यह विरोध आगामी राजनीतिक रणनीतियों और तीखे तेवरों का संकेत दे रहा है। बहरहाल, तमाम राजनीतिक गहमागहमी के बीच नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब 12 नवंबर को होने वाले मतदान व परिणामों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।










































