AI की होड़ में टेक दिग्गजों को भारी झटका: Google की मार्केट वैल्यू 500 अरब डॉलर घटी, Amazon और Microsoft पर भी दबाव

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Google News: गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट द्वारा AI पर भारी खर्च करने और गूगल के AI मोड से एड-रेवेन्यू घटने के कारण गूगल की मार्केट वैल्यू $500bn गिर गई, जिससे निवेशक चिंतित हैं।Google News : तकनीक (Technology) की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके भारी-भरकम खर्च और अनिश्चित नतीजों ने शेयर बाजार के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों गूगल (Alphabet), अमेजन (Amazon) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) ने यह साफ कर दिया है कि AI में हो रही अंधाधुंध रेस फिलहाल उनके मुख्य कमाई वाले बिजनेस पर असर डाल रही है। गूगल को महज एक ही दिन में अपनी बाजार हिस्सेदारी में 500 अरब डॉलर (करीब 374 अरब पाउंड) का भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी मुख्य वजह उसकी अपनी ही AI सर्च टेक्नोलॉजी से विज्ञापन (Ad Revenue) की कमाई में आई कमी बनी है।

गूगल के अपने ही AI ने लगाया विज्ञापन की कमाई को झटका

गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के शेयर गुरुवार को 12 प्रतिशत से अधिक गिरकर 6 महीने के निचले स्तर पर आ गए। इसके चलते कंपनी का कुल बाजार मूल्य 3.97 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 3.46 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। बीबीसी के मुताबिक गूगल के मुख्य व्यावसायिक अधिकारी (CBO) फिलिप शिंडलर ने स्वीकार किया कि कंपनी का नया AI मोड, जो यूजर्स के प्रश्नों का उत्तर संवादात्मक (conversational) तरीके से सीधे देता है, उसके पारंपरिक सर्च रिजल्ट के साथ दिखाई देने वाले विज्ञापनों से होने वाली आय को प्रभावित कर रहा है। दरअसल, जब यूजर्स को सीधे AI समरी में ही उनका जवाब मिल जाता है, तो वे विज्ञापन वाले लिंक्स पर क्लिक नहीं करते। चैटजीपीटी (ChatGPT) और क्लॉड (Claude) जैसे AI प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता के कारण गूगल को पारंपरिक सर्च में कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके बावजूद, गूगल का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक है और वे लंबे समय के लिए तकनीक पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। गूगल की पूर्व विज्ञापन प्रमुख किम स्कॉट ने भी कहा कि गूगल दूसरों के हाथों अपनी बाजार हिस्सेदारी खोने से बेहतर खुद के अल्पकालिक नुकसान को स्वीकार करना सही मानता है। जुलाई से सितंबर की तिमाही में अल्फाबेट की कुल आय 25% बढ़कर 127.6 अरब डॉलर रही, लेकिन विज्ञापन से हुई कमाई विश्लेषकों के अनुमान से कम रहने के कारण निवेशक घबरा गए।

अमेजन का बढ़ा कैश फ्लो घाटा, भविष्य की ट्रिलियन-डॉलर योजनाओं पर दांव

गूगल की तरह ई-कॉमर्स और क्लाउड दिग्गज अमेजन को भी निवेशकों के गुस्से का सामना करना पड़ा। कंपनी का शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 6% तक गिर गया। यद्यपि अमेजन की तिमाही बिक्री 11% बढ़कर 201 अरब डॉलर तक पहुंच गई, लेकिन कंपनी का फ्री कैश फ्लो नेगेटिव $42 अरब दर्ज किया गया। इसका सीधा मतलब यह है कि अमेजन अपनी कमाई से कहीं अधिक पैसा AI और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च कर रहा है। पिछले तीन महीनों में कंपनी का यह खर्च छह गुना तक बढ़ गया है। बीबीसी के मुताबिक अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एंडी जेसी ने इस विशाल खर्च का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी के पास भविष्य में दो ऐसे व्यवसाय खड़े करने का अवसर है जो 1 ट्रिलियन डॉलर की कमाई करा सकते हैं, पहला अमेजन की क्लाउड सेवा (AWS) और दूसरा उसका रिटेल स्टोर बिजनेस। जेसी का तर्क है कि टेक इंडस्ट्री में शुरुआती बढ़त ही सब कुछ नहीं होती और अमेजन अपने खुद के कंप्यूटर चिप्स तथा AI प्लेटफॉर्म ‘बेडरॉक’ (Bedrock) के माध्यम से एक लंबा दांव खेल रहा है। उन्होंने माना कि अगर यह खर्च अगले 25 वर्षों में फैला होता तो आसान होता, लेकिन AI की वर्तमान प्रतिस्पर्धा में तुरंत निवेश करना बेहद जरूरी है।माइक्रोसॉफ्ट की सतर्क रणनीति और AI के वास्तविक मूल्य पर उठते सवाल

अन्य दिग्गजों के मुकाबले माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के प्रति शेयर बाजार का रुख थोड़ा कम आक्रामक रहा और उसके शेयर में 1% से भी कम की गिरावट देखी गई। ओपनएआई (OpenAI) के सबसे बड़े निवेशक माइक्रोसॉफ्ट ने AI से जुड़े अपने पूंजीगत खर्चों में करीब 5 अरब डॉलर की कटौती की है और लागत कम करने के लिए हजारों कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई है। इस तिमाही में माइक्रोसॉफ्ट की कुल आय 19% बढ़कर 92.3 अरब डॉलर रही, जबकि उसके महत्वपूर्ण क्लाउड बिजनेस में 30% का उछाल दर्ज किया गया। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने जानकारी दी कि उनके AI टूल ‘कोपायलट’ (Copilot) के दैनिक यूजर्स की संख्या में 500% की वृद्धि हुई है और स्वचालित कार्यों की संख्या जुलाई के बाद से करीब दोगुनी हो गई है। आमतौर पर लागत में कमी और राजस्व में बढ़ोतरी से बाजार में सकारात्मक संदेश जाता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि वॉल स्ट्रीट अब इस बात का गनहन अध्ययन कर रहा है कि AI पर किए जा रहे खरबों डॉलर के निवेश से अंततः कौन सी कंपनियां वास्तविक लाभ कमा पाएंगी।

इस खबर की मुख्य बातें

  • गूगल को नुकसान:- AI सर्च से विज्ञापन की आय घटने के कारण गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट की मार्केट वैल्यू 500 अरब डॉलर गिरी।
  • अमेजन का बढ़ा खर्च:- अमेज़न की तिमाही बिक्री $201bn रही, लेकिन AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अत्यधिक खर्च की वजह से कैश फ्लो माइनस $42bn हो गया।
  • माइक्रोसॉफ्ट की लागत कटौती:- माइक्रोसॉफ्ट ने खर्चों पर नियंत्रण और छंटनी के जरिए संतुलन बनाया; राजस्व में 19% की वृद्धि दर्ज की।
  • बाजार की चिंता:- निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि AI पर हो रहे भारी-भरकम खर्च का वास्तविक व्यावसायिक लाभ कंपनियों को कब और कितना मिलेगा।

टेक सेक्टर के सामने भविष्य का दोहरा संकट

बीबीसी के मुताबिक फॉरस्टर की मुख्य विश्लेषक ट्रेसी वू का कहना है कि टेक दिग्गजों के ये नतीजे एक बड़ी चुनौती को रेखांकित करते हैं। कंपनियों को एक तरफ अपनी पारंपरिक और स्थापित कमाई वाली सेवाओं को बचाना है, तो दूसरी तरफ AI जैसे विशाल और खर्चीले क्षेत्रों में खुद को आगे रखने के लिए भारी पूंजी लगानी पड़ रही है। आज की टेक कंपनियां एक ऐसे दोराहे पर खड़ी हैं जहाँ उन्हें अपनी मौजूदा कमाई की बलि देकर भविष्य की नई तकनीक को अपनाना पड़ रहा है, और यही अनिश्चितता शेयर बाजार के निवेशकों को परेशान कर रही है।

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