Kuno National Park: प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा के लिए तैनात बेल्जियम मालिनोइस नस्ल के दो विशेष कुत्तों (इलू और रूबी) की दर्दनाक मौत हो गई है। ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल रहने वाले इस खास ब्रीड के दोनों डॉग्स की मौत कथित तौर पर हैंडलर्स की लापरवाही और हादसों के कारण हुई।श्योपुर: ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऐतिहासिक अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन में दुनिया भर में नाम कमाने वाली बेल्जियम मालिनोइस नस्ल के दो विशेष कुत्तों की मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दर्दनाक मौत हो गई है। प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा और वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने के लिए तैनात किए गए ‘इलू’ और ‘रूबी’ नामक इन दोनों डॉग्स की मौत के बाद पार्क का स्पेशल कैनाइन स्क्वॉड पूरी तरह खाली हो गया है। शुरुआती रिपोर्ट्स और विभागीय जांच में इन दोनों मौतों के पीछे हैंडलर्स की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
कूनो में कैसे हुई इलू और रूबी की दर्दनाक मौत?
सामने आई जानकारी के अनुसार, इलू की मौत मार्च 2024 में एक निर्माण स्थल पर ट्रैक्टर के नीचे आने से हुई थी, जब उसे बॉल लाने का कमांड दिया गया था। इस मामले में ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और संबंधित हैंडलर को सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं दूसरी घटना जून 2026 की है, जिसमें रूबी की मौत अत्यधिक थकान और संदिग्ध दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से हुई। जांच में यह बात सामने आई कि रूबी को कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल के पीछे लगातार चार किलोमीटर तक दौड़ाया गया था, हालांकि हैंडलर ने इस आरोप से इनकार किया है।ITBP और BSF में ली थी 9 महीने की कड़ी ट्रेनिंग
ये दोनों डॉग्स महज एक साल के थे और इन्हें प्रोजेक्ट चीता के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था। इनकी ट्रेनिंग आईटीबीपी (ITBP) पंचकूला और बीएसएफ (BSF) टेकनपुर में हुई थी, जहां इन्होंने करीब नौ महीने तक आज्ञाकारिता, सूंघने और ट्रैकिंग की कठोर ट्रेनिंग ली थी। इन कुत्तों को बाघ और तेंदुए की खाल, हड्डियों, हाथी के दांत और अन्य वन्यजीव अंगों की पहचान करने के लिए ट्रेंड किया गया था ताकि चीतों और अन्य वन्यजीवों का शिकार रोका जा सके। इन पर विभाग द्वारा लाखों रुपये का निवेश किया गया था।
वन्यजीव प्रेमियों में रोष, मुख्यालय भेजने से कर रहा इनकार
इस दोहरी कैनाइन मौत के बाद वन्यजीव कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मुख्य वन्यजीव वार्डन समिता राजोरा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोनों मामलों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इन घटनाओं के बाद राज्य वन्यजीव मुख्यालय कूनो में नए डॉग स्क्वॉड को भेजने से फिलहाल कतरा रहा है।










































