श्योपुर: दुनिया भर में चीता पुनर्स्थापना परियोजना की पहचान बन चुका मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर बेहद ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 21 जून को दो दिवसीय प्रवास पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 21 जून को दोपहर करीब 3 बजे कूनो पहुंचेंगी और वन्यजीवों के इस खूबसूरत आशियाने के बीच ही रात्रि विश्राम (ओवरनाइट स्टे) करेंगी। इसके बाद 22 जून की सुबह वे पार्क के भीतर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करेंगी, जिसके लिए उनका 45 मिनट का एक विशेष कार्यक्रम तय किया गया है।
बोत्सवाना के चीतों को खुले जंगल में मिलने वाली है आजादी
इस दौरे की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खास बात यह मानी जा रही है कि बोत्सवाना से भारत लाए गए शेष चीतों को राष्ट्रपति के हाथों ही कूनो के खुले जंगल में छोड़ा जा सकता है। दरअसल, जब बोत्सवाना सरकार ने भारत के लिए इन चीतों का चयन किया था, तब प्रतीकात्मक रूप से इन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ही सौंपा गया था। ऐसे में यदि महामहिम खुद इन चीतों को कूनो के बड़े बाड़े से आजाद कर जंगल में छोड़ती हैं, तो यह वैश्विक चीता प्रोजेक्ट के इतिहास में एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने बुलाई हाई-लेवल बैठक
राष्ट्रपति के इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों को कूनो स्थित हेलिपैड को वीआईपी सुरक्षा मानकों के अनुरूप तत्काल अपग्रेड करने और सभी प्रकार के कड़े प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कूनो नेशनल पार्क के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।










































