इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 5 जुलाई को बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। यह अपील ऐसे समय में की गई है जब पीओके में पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान रेंजर्स और पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया है। PoK में प्रदर्शन की अगुवाई कर रही अवामी एक्शन कमेटी ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिया जा रहा है। उन्हें जबरन गायब किया जा रहा है। दमन का यह तरीका बलूचिस्तान की तरह है, जहां पाकिस्तानी सेना पर बलूच लोगों को गायब करने के आरोप लगते रहे हैं।
पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा
PoK में तनाव का हालिया कारण अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी और उन्हें जबरदस्ती गायब किए जाने को लेकर है। प्रदर्शन के नेताओं का कहना है कि मीर के गायब होने से पूरे इलाके में लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। इससे नए सिरे से प्रदर्शन शुरू हो रहे हैं, जिसमें उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की जा रही है।
रावलकोट में फिर सुलग रही चिंगारी
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक बार फिर रावलकोट में गुरुवार देर रात सैकड़ों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए। जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी के नेता और वकील ख्वाजा मेहरान ने यहां लोगों को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अधिकारियों पर शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए गिरफ्तार करने और डराने धमकाने का आरोप लगाया।
आखिरी सांस तक लड़ने का ऐलान
मेहरान ने पाकिस्तान के दमन के आगे झुकने से इनकार किया और कहा, “हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तानी बलों के दमन के बावजूद आंदोलन शांतिपूर्ण बना रहेगा। उन्होंने कहा, “हम बिना हथियारों के लड़ेंगे।”
रावलकोट पिछले कुछ दिनों से PoK के प्रदर्शनकारियों का केंद्र रहा है। पिछले महीने पाकिस्तानी रेंजर्स ने यहीं पर प्रदर्शकारियों के समूह पर गोली चलाई थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे। ख्वाजा मेहरान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने न सिर्फ विरोध प्रदर्शन के आयोजकों के खिलाफ, बल्कि प्रदर्शनों में शामिल कश्मीरी महिलाओं के खिलाफ भी FIR दर्ज की है।









































