UP के एक्सप्रेसवे पर मिलेगी हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, करोड़ों लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा

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इस नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ आम लोगों के मोबाइल और इंटरनेट के लिए ही नहीं होगा, बल्कि सरकारी एप्लीकेशन, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी किया जाएगा।उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। अब प्रदेश में बन रहे कई एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे पर हाईस्पीड मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा मिलने वाली है। इस सुविधा का फायदा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ सड़क के आसपास विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी यूपीडा (UPEIDA) की ओर से इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।

हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा देने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट को PPP मॉडल यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विकसित करने की योजना है।

इस नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ आम लोगों के मोबाइल और इंटरनेट के लिए ही नहीं होगा, बल्कि सरकारी एप्लीकेशन, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिए भी किया जाएगा।मिलेगी मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी

अभी लंबे एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय कई जगहों पर मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो जाता है। ऐसे में कॉल करने और इंटरनेट चलाने में परेशानी होती है। नए डिजिटल कम्युनिकेशन नेटवर्क के तैयार होने के बाद एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी। इससे टेलीकॉम कंपनियों को भी अपने नेटवर्क का कवरेज बढ़ाने में मदद मिलेगी।

औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा

इस सुविधा का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित होने वाले मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर्स को भी हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे इन इलाकों में काम करने वाली कंपनियों और उद्योगों को तेज और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

9 एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे पर होगी सुविधा

यूपीडा की योजना के तहत करीब 985.53 किलोमीटर के दायरे में हाईस्पीड मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी का नेटवर्क विकसित किया जाना है। इनमें कई एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं, जैसे:

  • चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे
  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक
  • अन्य प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे

हालांकि इसके अलावा कई सारे एक्सप्रेसवे ऐसे भी हैं जिन्हें इस प्रस्ताव में शामिल नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे इस प्रस्ताव में शामिल नहीं हैं।

ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी होगा बेहतर

इस हाईस्पीड इंटरनेट नेटवर्क का एक बड़ा इस्तेमाल Advanced Traffic Management System (ATMS) को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इसके जरिए एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी और दूसरे डिजिटल सिस्टम को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। यानी आने वाले समय में यूपी के एक्सप्रेसवे सिर्फ तेज और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी के मामले में भी ज्यादा मजबूत हो सकते हैं।

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