Wasim Jaffer On Jaiswal-Fernando Mid Ground Scuffle: कोलंबो टेस्ट में भारतीय पारी के शुरुआत में जब यशस्वी जायसवाल सस्ते में आउट हुए तो वो श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो से भिड़ गए। अब कौन सही था, कौन गलत, इसको लेकर हो रही तमाम चर्चाओं के बीच बेबाकी से राय रखने वाले वसीम जाफर ने अपनी राय दी है।भारत-श्रीलंका कोलंबो टेस्ट मैच में एक ऐसी घटना देखने को मिली जिसकी अब हर जगह चर्चा हो रही है। इस चर्चा के केंद्र में हैं भारत के ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) जिनकी श्रीलंका के खिलाड़ी असिथा फर्नांडो (Asitha Fernando) से बीच मैदान कहासुनी हो गई थी। मामला यहां तक पहुंच गया था कि खिलाड़ी एक दूसरे से सिर टकराने लगे थे और बात और ज्यादा आगे बढ़ती, तभी अंपायरों और खिलाड़ियों ने दोनों को अलग किया। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर वहां गलती किसकी थी। तमाम पूर्व क्रिकेटर व विशेषज्ञ इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। भारत के पूर्व क्रिकेटर वसीम जाफर ने भी इस मुद्दे पर अपनी बेबाक राय सामने रखी है और उनके मुताबिक वहां पर दोषी भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ही थे। आइए जानते हैं कि जाफर ने क्या कहा।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक भारत के ओपनर यशस्वी जायसवाल का श्रीलंकाई बॉलर असिथा फर्नांडो के साथ तीखा शारीरिक झगड़ा, उनके जैसे रोल मॉडल के लिए ‘बिल्कुल भी ठीक नहीं’ था। जाफर का कहना है कि ऐसा शायद इसलिए हुआ क्योंकि उनका प्रदर्शन उनकी काबिलियत के हिसाब से नहीं रहा। सोमवार को श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो द्वारा क्लीन बोल्ड होने के बाद, जायसवाल को अपना हेलमेट माथे पर दबाते हुए देखा गया। दोनों खिलाड़ियों ने आचार संहिता के नियम 2.12 का उल्लंघन किया, जो पिच पर किसी खिलाड़ी, अधिकारी या दर्शक के साथ ‘अनुचित शारीरिक संपर्क’ से संबंधित है। अपनी गलती मानने के कारण जायसवाल पर 25% जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें एक डिमेरिट अंक भी मिलेगा।
वसीम जाफ़र ने अपने YouTube चैनल पर एक वीडियो में कहा, “यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। ऐसा व्यवहार कभी नहीं होना चाहिए। मैंने पहले भी कहा है, जायसवाल का प्रदर्शन वैसा नहीं रहा है जैसा हम उनसे उम्मीद करते हैं। हम उनसे बड़े स्कोर की उम्मीद करते हैं, और शायद उनमें थोड़ी निराशा आ रही है। लेकिन यह क्रिकेट का वो फोर्मेट है जिसमें वह खेल रहे हैं। वो वनडे या T20 में लगातार नहीं खेल रहे हैं, इसलिए जब भी उन्हें टेस्ट में मौका मिलता है, तो उन्हें बड़े रन बनाने की जरूरत होती है। अगर वह रन नहीं बनाते हैं और मौके गंवा देते हैं, तो वह खुद के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। सबसे पहली बात तो यह है। आपको ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।” जाफर के बयान से साफ है कि खराब प्रदर्शन के चलते अब जायसवाल पर टीम में जगह सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ने लगा है।









































