महिला की गला घोंटकर और सिर पर पत्थर पटककर की थी हत्या:11 हजार रुपये का अर्थदंड भी
बालाघाट। हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले में बालाघाट के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश दीप नारायण सिंह की अदालत ने आरोपी केवल उर्फ हगरिया पिता बालाराम लिल्हारे 28 वर्ष निवासी ग्राम मुरझड़ थाना लालबर्रा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास सहित कुल 11 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं मामले में सह आरोपी इंद्रजीत बसेने 30 वर्ष निवासी ग्राम छोटा जागपुर थाना भरवेली को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन के अनुसार 7 फरवरी 2023 की रात हट्टा थाना क्षेत्र के ग्राम बटकरी में शालू उर्फ निर्मला कोसरे की हत्या कर दी गई थी। महिला की गला घोंटकर तथा सिर पर पत्थर पटककर हत्या करने के बाद आरोपी उसके आभूषण, करीब 600 रुपये नकद और उसके पति की मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए थे। अगले दिन 8 फरवरी को महिला का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।मर्ग जांच के बाद हट्टा पुलिस ने अपराध क्रमांक 17/2023 में धारा 302, 460 और 380 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। इसी दौरान 26 अप्रैल 2023 को लालबर्रा पुलिस द्वारा दर्ज चोरी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार केवल उर्फ हगरिया लिल्हारे ने पूछताछ के दौरान बटकरी में महिला की हत्या और लूट की वारदात स्वीकार की।अभियोजन के मुताबिक आरोपी ने अपने साथी इंद्रजीत बसेने के साथ मिलकर हत्या और लूट करना तथा लूटे गए आभूषण आपस में बांटने की बात बताई। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर लूटे गए जेवरात और मोटरसाइकिल बरामद की। कुछ जेवरात राजेश सोनी की दुकान पर गिरवी रखे जाने की जानकारी भी सामने आई। वहीं इंद्रजीत बसेने के घर से भी लूटे गए आभूषण बरामद किए गए।विवेचना पूर्ण होने के बाद हट्टा पुलिस ने धारा 302, 460, 380 एवं 404 भादवि के तहत अभियोग पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी केवल उर्फ हगरिया लिल्हारे के विरुद्ध आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।अदालत ने आरोपी केवल उर्फ हगरिया लिल्हारे को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 460 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 380 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 404 के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रदीप सोनी ने प्रभावी पैरवी की थी।









































