श्रद्धालु भक्तों का उमड़ा जनसैलाब, झांकिया रही मुख्य आकर्षण का केंद्र
बाबा महाकाल की शाही सवारी देखने उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
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पदमेश न्यूज।बालाघाट।पिछले 3 वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए, प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी नगर में उज्जैन की तर्ज पर महाकाल की पालकी यात्रा निकाली गई।महाकाल सेवा समिति द्वारा सावन माह के चौथे सोमवार को चौथे वर्ष बाबा महाकाल की पालकी सोमवार शाम नगर भ्रमण के लिए निकाली गई।जिसमे भारी तादात में श्रद्धालुओं का जनसैलाब नजर आया। उज्जैन में निकलने वाली महाकाल की सवारी की तरह गोंदिया रोड स्थित नये श्रीराम मंदिर से निकाली गई यह महाकाल की पालकी यात्रा राममंदिर से प्रारंभ होकर हनुमान चौक, महावीर चौक, राजघाट चौक से कालीपुतली चौक, आम्बेडकर चौक से गोंदिया रोड होते हुये वापस श्रीराम मंदिर पहुंची। जहां महाकाल पालकी यात्रा का समापन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भक्तों का भारी जनसैलाब इस पालकी यात्रा में शामिल होने व देखने के लिए उमड़ पड़ा। जहां श्रद्धालु भक्तगण डीजे व बैंड की धुन पर थिरकते, झूमते नाचते गाते और भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।
बैंड बाजे व आकर्षक झांकियों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकले महाकाल
उज्जैन की तर्ज पर शहर मुख्यालय में बाबा महाकाल की शाही सवारी निकाली गई।इस दौरान शिव भक्तों का श्रृंगार, नृत्य और हैरत अंगेज करतबों ने लोगों का ध्यान खींचा। महाकाल सेवा समिति द्वारा पहले विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर फूलों से पालकी सजाई गई, जिस पर बाबा महाकाल को विराजित किया गया।इस यात्रा का शहर भ्रमण कराया गया। शिवजी के भक्ति गीतों के बीच बाबा महाकाल के भक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़े।हालांकि,करीब एक घंटे देरी से निकली शाही सवारी के बावजूद श्रद्धालु भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और यह यात्रा अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ती रही।
महाकाल बाबा महाकाल को चढ़ाया गया 56 भोग
नगर भ्रमण के बाद जैसे ही यह पालकी यात्रा समापन के लिए नए राम मंदिर पहुंची, वैसे ही भगवान जगन्नाथ के जयघोष के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन कराए गए।इस दौरान बाबा महाकाल को 56 भोग चढ़ाया गया। तो वही उज्जैन की तर्ज पर ही श्रद्धालुओं द्वारा महाआरती की गई। इस अवसर पर महाप्रसाद भंडारा का भी वितरण किया गया।जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भंडारा औऱ महाप्रसाद ग्रहण किया।
महाकाल की जय घोष से गूंजा शहर
बाबा महाकाल की पालकी को भक्तजन अपने कांधे पर लेकर पैदल बाबा महाकाल व बम बम भोले के जयकारे लगाते हुये चल रहे थे। इस दौरान युवाओं की टीम द्वारा नगाडों व झांझ करतार बजाते हुये शहर के प्रमुख चौक चौराहों में सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति भी दी। इस दौरान भगवान भोलेनाथ की झांकी भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। महाकाल की पालकी में शामिल युवा पुरुष माता बहने सहित हर कोई महाकाल का जयघोष करते नजर आया जहां बाबा महाकाल के नारों से शहर गूंज उठा।
आगामी समय मे औऱ भव्य रूप से किया जाएगा कार्यक्रम-
महाकाल सेवा समिति के सेवादार व सदस्यो ने बताया कि इस बार खासतौर पर आकर्षक झांकिया मनाई गई है।शोभायात्रा की तैयारियां पिछले कई दिनों से शुरू कर दी गई थी।सावन मास के अंतिम सोमवार के इस आयाेजन को भव्य और भक्तिमय रूप दिया गया है।आगामी वर्ष इस कार्यक्रम को औऱ अधिक भव्य रूप प्रदान किया जाएगा।इस दौरान विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, औऱ सनातन सभा सहित विभिन्न हिन्दुवादी संगठनों के पदाधिकारी सदस्य व महाकाल भक्त बड़ी संख्या में शामिल रहे।








































