मध्य प्रदेश के भिंड में उफनती बैसाली नदी को टायर ट्यूब के सहारे पार करने वाले शिक्षकों का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। अब नदी के उसी पार वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था कर दी गई है और स्थायी पुल के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई हैभिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया था, जहां शिक्षक अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज कराने और पढ़ाने के लिए उफनती बैसाली नदी को हवा भरे टायर के ट्यूब पर बैठकर पार करने को मजबूर थे। इस खतरनाक वाकया का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने और मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने फौरी तौर पर बड़ा कदम उठाया है। अब इन शिक्षकों और बच्चों के लिए नदी के उसी पार वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि उनकी जान जोखिम में न पड़े।
वैकल्पिक कक्षाओं का आगाज
जैसे ही यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आया और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो आग की तरह फैला, शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुधांशु द्विवेदी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाईऔर शिक्षकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से नदी के उसी पार (जहां अधिकांश शिक्षक और छात्र मौजूद हैं) वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके अलावा, जो शिक्षक बाढ़ के कारण ई-अटेंडेंस नहीं दर्ज कर पा रहे थे, उन पर किसी भी तरह की पेनल्टी या कार्रवाई नहीं की जाएगी और अटेंडेंस पॉइंट को भी अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया गया है।हर साल मानसून में क्यों बंद हो जाती है राह?
यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर साल मानसून के दिनों में इन इलाकों के निवासियों को इसी तरह की जानलेवा परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। नादराौली और सुमेर सिंह का पुरा के ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि भारी बारिश के कारण बैसाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे पारंपरिक मार्ग पूरी तरह ठप हो जाता है। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई लंबे समय तक बाधित होती है और उन्हें अपनी पढ़ाई में पिछड़ना पड़ता है। स्कूल आने-जाने का यह रोजाना का संघर्ष एक खौफनाक परंपरा बन चुका था, जिसने ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढांचे की पोल खोलकर रख दी थी।स्थायी समाधान की ओर कदम
तात्कालिक राहत के तौर पर वैकल्पिक कक्षाएं शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन उनका मानना है कि स्थायी समाधान केवल एक पक्का पुल ही है। जनता के भारी आक्रोश और मीडिया रिपोर्ट्स को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने भिंड जिला प्रशासन को बैसाली नदी पर एक नया पुल बनाने के लिए औपचारिक पत्र लिखा है। इस प्रस्ताव को भोपाल स्थित राज्य शिक्षा केंद्र और लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास भेज दिया गया है, जहां सर्वे, लागत आकलन और प्रशासनिक मंजूरियों पर काम शुरू हो चुका है। कलेक्टर कार्यालय को इस प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी और टाइमलाइन तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।









































