नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के बाद अब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने भी छात्रों को जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बुलाए गए जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल न होने की सलाह दी है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU), दिल्ली यूनिवर्सिटी, IIT रुड़की और IIT मद्रास की ओर से ऐसी ही सलाह जारी किए जाने के बाद JNU ने भी अपने समुदाय से जंतर-मंतर पर होने वाली सभाओं से दूर रहने का आग्रह किया है। यह सलाह वाइस चांसलर प्रो. शांतिश्री धूलिपुडी पंडित के नेतृत्व में जारी की गई, जो 2022 से यूनिवर्सिटी की प्रमुख हैं।जेएनयू ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया
इसमें कहा गया है कि JNU के एकेडमिक समुदाय से जुड़े सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और अपनी निजी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक प्रदर्शनों के बारे में भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि आप नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली सभाओं में शामिल न हों और न ही वहां जाएं।
जेएनयू ने अपने नोटिस में कहा कि सभी हितधारकों को ‘जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।’
विश्वविद्यालय ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से ‘नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर या उसके आसपास होने वाली सभाओं में भाग लेने या वहां जाने से परहेज करने’ का आग्रह किया, जिसमें सार्वजनिक प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया गया।










































