असम के धेमाजी जिले का रहने वाला 28 वर्षीय मधुर ज्या सोनोवाल मोबाइल चोरी के एक मामले में पकड़ा गया था। एडथला थाना पुलिस ने पेरुम्बावूर पुलिस की मदद से उसे पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर अलुवा सब-जेल भेजा था।फिल्मों में आपने कैदियों को जेल तोड़कर भागते और पुलिस से छुपते-छिपाते देखा होगा, लेकिन केरल के अलुवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस भी हैरत में है। अलुवा सब-जेल से फरार हुआ एक शातिर कैदी भागने के बाद कहीं और नहीं, बल्कि सीधे पुलिस स्टेशन ही पहुंच गया। वजह? उसे अपना ‘आधार कार्ड’ वापस चाहिए था! हालांकि, किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और पहचान उजागर होते ही वह एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में चप्पा-चप्पा छान रही है।
मोबाइल चोरी में हुआ था गिरफ्तार
असम के धेमाजी जिले का रहने वाला 28 वर्षीय मधुर ज्या सोनोवाल मोबाइल चोरी के एक मामले में पकड़ा गया था। एडथला थाना पुलिस ने पेरुम्बावूर पुलिस की मदद से उसे पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर अलुवा सब-जेल भेजा था। 24 अगस्त को सोनोवाल ने जेल से भागने की साजिश रची। शुरुआती जांच के मुताबिक, जेल परिसर के भीतर एक इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। सोनोवाल इसी निर्माणाधीन इमारत पर चढ़ा और वहां से जेल की ऊंची सुरक्षा दीवार को लांघकर बाहर कूद गया। जैसे ही जेल प्रशासन को उसके गायब होने की खबर मिली, हड़कंप मच गया।
‘साहब, मेरा आधार कार्ड दे दो!’
जेल से भागने के बाद सोनोवाल का जो कदम था, उसने सबको चौंका दिया। वह सीधा पेरुम्बावूर पुलिस स्टेशन के रिसेप्शन पर जा पहुंचा। वहां तैनात पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं पाए। सोनोवाल ने बेहद बेफिक्री से पुलिसकर्मियों से कहा कि गिरफ्तारी के समय जमा कराया गया उसका आधार कार्ड उसे वापस लौटा दिया जाए। अभी पुलिसकर्मी उसकी बात समझ ही रहे थे कि तभी सोनोवाल की नजर उन अफसरों पर पड़ी जिन्होंने उसे गिरफ्तार करने में मदद की थी। पुलिस अफसरों को देखते ही सोनोवाल के होश उड़ गए और पहचान उजागर होने के डर से वह तुरंत पुलिस स्टेशन से भाग निकला।










































