Sitapur Congress Office: सीतापुर में कांग्रेस के दफ्तर पर अब प्रशासन का कब्जा हो चुका है। यह कार्यालय सरकारी जमीन पर बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहा था।Sitapur Congress Office: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटा हुआ एक जिला है सीतापुर, यहां कांग्रेस के उस ठिकाने पर अब प्रशासन का कब्जा हो गया है, जहां सालों से कांग्रेस की चुनावी जीत के लिए रणनीति बना करती थी। सीतापुर लोकसभा सीट आजादी के कई सालों तक नेहरू परिवार के पास रहा था, यह नेहरू परिवार की सीट मानी जाती थी। लेकिन अब सीतापुर शहर कांग्रेस कार्यालय अब, कांग्रेस के कब्जे में नहीं रहा। कांग्रेस का यह कार्यालय सरकारी जमीन पर था, जिसका वैध कागज पेश करने में वो असफल रही।55 वर्षों बाद छिना कार्यालय
उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्थित घंटाघर इलाके में पिछले 55 वर्षों से संचालित शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय को जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा नगर पालिका के बेदखली आदेश पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद यह कार्रवाई की गई।हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
घंटाघर स्थित यह संपत्ति नजूल की जमीन पर बनी हुई थी। नगर पालिका परिषद द्वारा पूर्व में कार्यालय को बेदखल करने और राजस्व रिकॉर्ड से नाम हटाने के आदेश जारी किए गए थे। कांग्रेस पार्टी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने नगर पालिका द्वारा जारी बेदखली और रिकॉर्ड से नाम हटाने के आदेश पर स्टे (रोक) लगाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे प्रशासन के लिए कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया। अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि पिछले करीब 55 वर्षों से कोई किराया जमा नहीं किया गया है और भूमि के वैध आवंटन या कब्जे के समर्थन में कोई समझौता अथवा आवंटन पत्र भी पेश नहीं किया गया। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि नजूल भूमि सरकारी संपत्ति है और कोई भी राजनीतिक दल उस पर अनधिकृत रूप से कब्जा नहीं कर सकता। अदालत ने भी कहा कि केवल लंबे समय तक जमे रहने से सरकारी भूमि पर कब्जा वैध नहीं हो जाता। वैध कब्जे के लिए कम से कम आवंटन आदेश या कोई अन्य संबंधित दस्तावेज होना जरूरी है, लेकिन याचिकाकर्ता ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
भारी पुलिस बल के साथ सीलिंग की कार्रवाई
हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने और दी गई समयावधि समाप्त होने के बाद, जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। तेज बारिश के बीच पुलिस की मौजूदगी में परिसर को खाली कराकर नगर पालिका ने आधिकारिक रूप से अपना ताला लगा दिया और जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
55 साल पुराना था कब्जा
घंटाघर स्थित यह बहुमूल्य नजूल भूमि पिछले 55 वर्षों से कांग्रेस पार्टी का कब्जा था। सीतापुर और कांग्रेस के इतिहास में नेहरू परिवार का गहरा संबंध रहा है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई श्यामलाल नेहरू की पत्नी और प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उमा नेहरू ने 1952 और 1957 के आम चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर सीतापुर लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।










































