अजब-गजब! एमपी के धार जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक नागिन जंगल से लौट आई और बीते 11 दिन से एक ही जगह बैठे होने का दावा किया जा रहा है। मौके पर लोग नजदीक से पूजापाठ कर रहे हैं, वन विभाग ने नागिन को एकदम स्वस्थ बताया है। लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैंधार: एमपी में धार जिले के साली गांव में एक नागिन का लगातार एक ही जगह पर बने रहना आस्था और कौतूहल का विषय बन गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, वन विभाग के रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़े जाने के बावजूद नागिन कुछ ही समय में उसी जगह लौट आई। इसके बाद नागपंचमी पर यहां हजारों लोगों की भीड़ जुट गई और लोग इसे भगवान भीलट देव से जोड़कर देखने लगे।धार जिले के गंधवानी क्षेत्र का छोटा सा गांव साली इन दिनों एक नागिन के कारण चर्चा में है। गांव में सड़क किनारे एक जगह पर लगातार कई दिनों से नागिन दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, शुरुआत में जब नागिन नजर आई तो वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रेस्क्यू किया और गांव से दूर जंगल में छोड़ दिया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने ग्रामीणों की उत्सुकता बढ़ा दी।
जंगल में छोड़ा और कुछ घंटे बाद फिर वहीं दिखी
स्थानीय लोगों का दावा है कि जंगल में छोड़े जाने के कुछ घंटे बाद नागिन दोबारा उसी स्थान पर दिखाई दी। इसके बाद उसने वहां से हटने का नाम नहीं लिया। ग्रामीण शंकर निगवाल के अनुसार, नागिन दिन-रात लगभग उसी स्थान के आसपास दिखाई देती है। इसी वजह से लोगों का ध्यान लगातार उसकी ओर आकर्षित हो रहा है।हालांकि, नागिन के दोबारा उसी स्थान पर लौटने के कारण की वैज्ञानिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
नागपंचमी पर बढ़ गई भीड़
सावन और नागपंचमी के दौरान इस घटना ने अलग ही रूप ले लिया। नागिन को देखने के लिए आसपास के गांवों के अलावा मनावर, उमरबन, कुक्षी, बड़वानी और खरगोन से भी लोग पहुंचने लगे। ग्रामीणों के मुताबिक, नागपंचमी के दिन करीब 5 से 7 हजार लोग यहां पहुंचे। कई लोगों ने नागिन की पूजा-अर्चना भी की। भीड़ के बीच नागिन का शांत रहना भी लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।










































