बम्हनी के पहाड़ी पर तेंदुए ने बकरी का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत

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वन विभाग से मुआवजा देने और बाघ को पकडऩे की उठी मांग

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग ४ किमी. दूर ग्राम बम्हनी के आगे मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लामता परियोजना परिक्षेत्र लालबर्रा के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से हडक़ंप मच गया है। वैनगंगा नदी पोटियापाट धाम के समीप पहाड़ी क्षेत्र में शनिवार को दोपहर के समय तेंदुए ने पहाड़ी क्षेत्र में चर रही एक बकरी को अपना शिकार बना लिया। बताया जा रहा है कि इसके पूर्व में भी मवेशियों पर वह हमला किया था और जून माह में एक बकरे का शिकार किया था साथ ही अन्य मवेशियों का भी शिकार कर चुका है। शनिवार को तेंदुए के हमले में बकरी की मौत होने से पशुपालक शोभाराम मर्सकोले को करीब १० हजार रूपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीणजनों ने वन विभाग से गश्त कर वन्यप्राणी बाघ को पकडक़र घने जंगल में सुरक्षित छोडऩे की मांग की है।

कृषि कार्य प्रभावित, अकेले जाने से डर रहे लोग

बम्हनी के पंचायत भवन के पीछे स्थित पहाड़ी वाले एरिया वैनगंगा नदी के किनारे जंगल से लगा हुआ है। वहीं बम्हनी, डोरली, आवासटोला के ग्रामीणजनों सहित आस-पास के अन्य ग्रामों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेंदुआ देखा जा रहा है। वह लगातार मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है, जिससे ग्रामीणों में यह डर बन गया है कि तेंदुआ किसी इंसान पर भी हमला कर सकता है। तेंदुआ दिखाई देने के बाद से ग्रामीणों ने अकेले खेत और नदी की ओर जाना बंद कर दिये है, जिससे वे अपने खेतों की ओर जाने से डर रहे है। ग्रामीणजनों ने पीडि़त मवेशी मालिक शोभाराम मर्सकोले को उचित मुआवजा दिलवाने, रात्रि गश्त करने, आतंक का पर्याय बने तेंदुए को जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर पकडक़र सुरक्षित घने जंगल में छोडऩे की मांग वन विभाग से की है।

दूरभाष पर चर्चा में बम्हनी सरपंच बीआर ढबाले ने बताया कि बम्हनी पंचायत भवन के पीछे पहाड़ी वाले क्षेत्र जो जंगल से लगा हुआ है और गत दिवस से तेंदुआ उस क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। शनिवार को दोपहर के समय एक बकरी का शिकार कर दिया है। इस घटना के बाद से ग्रामीणजन दहशत में है, जिसकी जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। श्री ढबाले ने बताया कि आवासटोला, डोरली सहित जंगल से लगे ग्रामों में तेंदुआ दिखाई दे रहा है जिससे ग्रामीणजन परेशान है और वहां मवेशियों का शिकार कर रहा है, किसी भी समय इंसानों पर भी हमला कर सकता हैं। वर्तमान में खेतों में धान की फसल लगी हुई है और ग्रामीणजन अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर लेकर जाते है। अब लोग अकेले जाने से डर रहे है, वन विभाग से मांग है कि गश्त कर वन्यप्राणी तेंदुए को पकडक़र सुरक्षित घने जंगल में छोड़े एवं पशुपालक को मुआवजा दिलवाये।

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