पदमेश न्यूज़,बालाघाट।हाल ही में इंदौर खंडपीठ का ऐतिहासिक फैसला भोजशाला कुलदेवी मंदिर के पक्ष में आया है, इस फैसले में हिंदुओं को पूजा का पूर्ण अधिकार की अनुमति मिली है, इस फैसले की खुशी उत्सव के रुप में मनाई जा रही है, जिसका एक नजारा बालाघाट जिले में भी देखने को मिला है, यहां राजा भोज के वंशजों ने इस फैसले का स्वागत करते इसे उत्सव के रुप में मनाया है।
पूजा-अर्चना कर, कुल देवी की आरती
पंवार मांदी समिति के जिलाध्यक्ष दिलीप रिनायत ने बताया कि इस ऐतिहासिक फैसले के पक्ष में गुरुवार को नगरीय क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 32 पंवार मंगल भवन में उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम कुल देवी मां गढ़कालिका व कुल देवी मां सरस्वती के छाया चित्र पर तिलक वंदन किया गया और पूजा-अर्चना की गई जिसके बाद चक्रवती सम्राट राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। उन्होंने बताया इस अवसर पर सर्वप्रथम आराध्य प्रभु श्रीराम का स्मरण कर उनके अनन्य भक्त भगवान हनुमान की हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और फिर कुल देवी की आरती कर पूजा-अर्चना कर महाप्रसाद का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष ललित पारधी क्षेत्रीय धर्म प्रसार प्रमुख विश्व हिंदू परिषद,आरसी अमुले जिलाध्यक्ष राजा भोज स्मारक समिति,विशिष्ट अतिथि योगेश राहंगडाले,इन्द्रजीत कटरे, पंवार मांदी समिति के सचिव खेमेन्द्र पारधी,अशोक भगत,रेखचंद देशमुख सहित अन्य पदाधिकारी व मातृ शक्तियां मौजूद रही।










































