MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मदरसे पर बड़ी कार्रवाई हुई थी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा है कि मदरसों को टारगेट किया जा रहा है। अगर वहां कमियां है तो उन्हें नोटिस दीजिए। लेकिन इस तरह से परेशान नहीं किया जाए।भोपाल: मध्य प्रदेश में अवैध और गैर-कानूनी रूप से संचालित मदरसों पर सरकार कार्रवाई कर रही है। ग्वालियर में हाल ही में बड़ी कार्रवाई हुई है। इसे लेकर एमपी में सियासी तापमान बढ़ गया है। कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने इसे लेकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि अगर मदरसों में कमियां हैं तो उन्हें नोटिस दें।निरीक्षण के नाम पर भय पैदा किया जा रहा
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया है कि मदरसों में निरीक्षण के नाम पर वहां रहने वाले बच्चों में भय पैदा किया जा रहा है। बाल आयोग से जुड़े लोग टारगेटिंग वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहां मिलने वाली किताबों को आपत्तिजनक बताकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। यह ठीक नहीं है।
मदरसों को टारगेट किया जा रहा
दरअसल, मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मदरसों पर कार्रवाई हुई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि ये मदरसों को टारगेट करने का जो सिलसिला चल रहा है, यह रुकना चाहिए। बाल आयोग के अधिकारी और उनके अध्यक्ष को संवैधानिक अधिकार है। वे मदरसों में जाएं और निरीक्षण करें।कमियां मिलने पर नोटिस दें
उन्होंने कहा कि वहां कमियां मिलने पर मदरसा संचालकों को नोटिस दें। लेकिन टारगेट वाली भाषा का प्रयोग नहीं करें। बच्चों को पकड़वाते हैं। आरिफ मसूद ने कहा कि बच्चे अपने पैरेंट्स के दिए हुए शपथ पत्र के आधार पर ही मदरसों में आते हैं। ऐसे नहीं आते हैं।बहुत पुरानी है परंपरा
कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि मदरसा और गुरुकुल की परंपरा बहुत पुरानी है। यह नई नहीं है। पहले से ही वहां पढ़ाई होती रही है। विधायक ने कहा कि आर्टिकल 29 के तहत उन्हें संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इसके बावजूद ऐसी कार्रवाई क्यों हो रही है, मुझे समझ में नहीं आ रहा है।भय माहौल खड़ा कर रहे हैं
उनका आरोप है कि मदरसों को टारगेट कर भय का माहौल खड़ा किया जा रहा है। उन जिलों के प्रशासन ने समझदारी दिखाई है। बाल आयोग के लोग बच्चों को परेशान नहीं करें।
वहां के संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से रखी बात
विधायक ने ग्वालियर के संगठनों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के शहर काजी, वक्फ कमेटी, भीम आर्मी और आजाद पार्टी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है। चार दिन बाद बच्चे रिहा हो गए। इससे पूरी तरह से घबरा गए थे। बच्चों को परेशान करने वाली प्रक्रिया पर रोक लगे। साथ ही गलत प्रचार भी नहीं हो। शिक्षा का स्तर कमजोर है तो उसको ठीक करिए।
ग्वालियर में हुई थी कार्रवाई
- ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर हुई थी कार्रवाई
- यहां से 26 बच्चों को किया गया था रेस्क्यू
- बच्चों को दो ही कमरे में रखा जाता था
- पूछताछ में बच्चों ने यातना देने का लगाया था आरोप
- बाल संरक्षण आयोग ने इस मदरसे पर की कार्रवाई
- आपत्तिजनक किताबें मिलने की कही गई थी बात
गौरतलब है कि ये बच्चे देश के अलग-अलग राज्यों के थे। दारुल कुरआन मदरसे का संचालन बिना पंजीयन के हो रहा था। इसके बाद हिंदू संगठनों ने भी वहां प्रदर्शन किया था। साथ ही मदरसा संचालकों पर कार्रवाई की मांग की थी।










































