मुंडन संस्कार के बाद भावुक शिवराज सिंह चौहान ने लगाया मां के नाम पौधा, पीएम मोदी ने दी सांत्वना, कहा- ये खालीपन कभी नहीं भर सकता

0

PM Modi Condolence To Shivraj Singh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई के निधन पर शोक संदेश भेजकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पत्र में पीएम मोदी ने मां के स्नेह को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया है। काशी बाई का पैतृक गांव जैत में अंतिम संस्कार किया गया।सीहोर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता के निधन पर उन्हें एक शोक संदेश भेजा है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मां के आंचल और उनके संस्कारों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया है। उधर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव के रीति रिवाज के हिसाब से मुंडन संस्कार कराया है। मुंडन के बाद उन्होंने मां के नाम से पैतृक गांव में एक पौधा भी लगाया।

कौन थीं काशी बाई?

शिवराज सिंह चौहान के पिता ने दो शादियां की थीं। कृषि मंत्री की जैविक मां का नाम सुंदरबाई चौहान है। उनका निधन शिवराज सिंह चौहान के बचपन में ही हो गया था। काशी बाई उनकी दूसरी मां थीं। पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान है। काशी बाई से एक पुत्र का जन्म हुआ था, जिनका नाम वरुण चौहान है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान तीन भाई और एक बहन हैं। इनमें शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और बेटी शशि है। काशी बाई अपने बेटे वरुण चौहान के साथ ही साकेत नगर में रहती थीं।’उनके संस्कार हमेशा मार्गदर्शन करेंगे’

अपने शोक पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि मां का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होता है और उनका जाना हृदय में ऐसा खालीपन छोड़ जाता है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मां का प्रेम और आशीर्वाद जीवन के हर पड़ाव पर संबल प्रदान करता है और उनके जाने से मन में जो रिक्तता उत्पन्न होती है, उसे कोई नहीं भर सकता। प्रधानमंत्री ने शिवराज सिंह चौहान के लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में पारिवारिक संस्कारों और बड़ों के आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भले ही उनकी माता अब शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां और दिए गए संस्कार हमेशा उनका मार्गदर्शन करते रहेंगे।एम्स में हुआ था निधन, जैत गांव में हुआ अंतिम संस्कार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई (76) का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित एम्स में निधन हो गया था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित चौहान के निवास पर रखा गया था, जिसके बाद उसे सीहोर जिले के उनके पैतृक गांव जैत ले जाया गया। शुक्रवार शाम जैत गांव में वैदिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।अंतिम संस्कार में पहुंचे दिग्गज नेता

अंतिम संस्कार के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक जताया है।

मां की याद में लगाया पौधा

अंतिम संस्कार के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी मां की स्मृति में जैत गांव में एक पौधा लगाया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह पौधा आगे चलकर एक विशाल वृक्ष बनेगा, जो पक्षियों, जीव-जंतुओं और अन्य प्राणियों को आश्रय देगा तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान करेगा। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह मां का स्नेह जीवनभर शीतल छांव की तरह हमारे साथ रहता है, उसी तरह उनका आशीर्वाद भी हमेशा हमारे ऊपर बना रहे। इन पेड़ों के साथ मेरी मां की यादें भी हमेशा हरी-भरी बनी रहेंगी।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here