भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र ने नीति आयोग का सीईओ बनाया है। 1989 बैच के अनुराग जैन की छवि ब्यूरोक्रेस में एक सख्त अधिकारी की है। मीटिंग में वह खरी-खरी बातें करते हैं। एमपी आने से पहले वह पीएम मोदी की टीम के हिस्सा भी रहे हैं। काम टाइमलाइन पर पूरा हो यह उनकी पहचान है। यही वजह है कि दिल्ली उन पर भरोसा करती है।
लगभग दो साल रहे एमपी के मुख्य सचिव
1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन तीन अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बने थे। 2025 में वह रिटायर होने वाले थे। लेकिन केंद्र की मंजूरी के बाद उन्हें सीधे एक साल एक्सटेंशन मिल गया था। सितंबर 2026 तक उनका कार्यकाल बचा हुआ था। इससे पहले उन्हें नीति आयोग का सीईओ बना दिया गया। आदेश जारी होने पर वह सीएम मोहव यादव से मिलने पहुंचे।
एमपी में बेदाग रहा करियर
अनुराग जैन की छवि मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में अलग है। वह बेहद सादगी के साथ वह रहते हैं। वहीं, मीटिंग के दौरान हमेशा अधिकारियों के साथ उन्होंने खरी-खरी बातें की है। उनके कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश ने कई उपलब्धियां हासिल की। साथ ही हर टास्क को बखूबी पूरा किया है।
पहली मीटिंग में ही इरादे स्पष्ट कर दिए
अक्टूबर 2024 में जब वह दिल्ली से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव बनकर आए तो पहली मीटिंग में ही अधिकारियों के सामने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत दी थी कि हम आईएएस हैं, हमें सब कुछ आता है। इस भावना से काम न करें। सभी के साथ समन्वय स्थापित करके चलें।
‘मैं चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर बन गया हूं’
मध्य प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी के अंदर खटपट की खबरें भी आती थीं। अप्रैल 2026 में अधिकारियों की मीटिंग में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा था कि इस समय मैं चीफ कम्लपलेंट ऑफिसर बन गया हूं, हर तरह की विवाद और समस्याएं मेरे पास ही पहुंच रही है।










































