देवास। सोमवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के 9 लोगों के शव देर रात सतवास अस्पताल लाए गए। मंगलवार सुबह सभी शवों को धांसड़ गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव में सुबह से ही मातम पसरा रहा। हल्की बारिश के बीच 6 शवों की अंतिम यात्रा निकली।
जब अर्थियां गांव की गलियों से गुजरीं तो हर आंख नम हो गई। मृतक माता-पिता के साथ उनकी दोनों मासूम बच्चियों की अर्थियां भी एक साथ उठीं। इस दौरान ग्रामीणों ने मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। तीन शवों का खंडवा जिले के पुनासा में अंतिम संस्कार हुआ।स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर निकले थे, सफर दे गया जिंदगीभर का जख्म
लकवे से बीमार महिला के स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर घर से निकले लोगों को पता नहीं था कि यह सफर उनका आखिरी होगा। सबसे मिलकर और यह कहकर निकले थे कि उपचार करवाकर व दर्शन कर जल्दी आएंगे। परिवार के लिए आशीर्वाद लाएंगे। बीमारी की असहनीय पीड़ा से मुक्ति मिलेगी और जीवन खुशहाल होगा… लेकिन एक हादसे ने उम्मीद तोड़ दी।
किसी ने बताया था कि जावर के आगे कड़लावद धाम जिसे लाखनपुर के नाम से भी जाना जाता है, वहां इलाज होता है। पर्ची कटवाने के बाद नंबर लगता है और इलाज के बाद बीमारी ठीक हो जाती है। इसी उम्मीद में परिवार के लोग निकले थे। पड़ाना के पास नाले में कार बह गई और इसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। सोमवार तड़के चार बजे सभी धांसड़ से निकले थे और यही सोचा था कि जल्दी पर्ची बन जाएगी तो जल्दी नंबर आ जाएगा लेकिन उनका यह सफर आखिरी हो गया।
राजगढ़ जिले में हुए हादसे की खबर जिसने भी सुनी, वह स्तब्ध रह गया। आंखों में आंसू आए और रुंधे गले से यही कहता रहा कि हे भगवान… क्या हो गया। इस हादसे में मृत लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ व खंडवा के आटूद गांव के निवासी थे। मरने वाले छह सदस्य एक ही परिवार के थे, उनके परिवार में एक बेटा-बहू बचे हैं, अन्य तीन मृतक उनके रिश्तेदार हैं। पूरे गांव में शोक का वातावरण है और रिश्तेदार भी गांव पहुंचे हैं।
वाहन से गिरने के बाद सागरबाई के चेहरे पर था लकवे का असर
हादसे का शिकार हुआ परिवार शंकर चौहान (बंजारा) का था। धांसड़ के ग्रामीणों के अनुसार शंकर की पत्नी सागरबाई पूर्व में वाहन से गिरकर घायल हो गई थीं। इसके बाद उनके चेहरे पर लकवे का असर हो गया था। कई जगह उपचार करवाने के बाद भी उनको आराम नहीं मिला था। इसी दौरान उन्हें राजगढ़ जिले में लकवे के उपचार के बारे में पता चला।
गांव के ही मुकेश नायक की इको कार किराए पर लेकर परिवार के छह सदस्य शंकर चौहान, उनकी पत्नी सागरबाई चौहान, बेटा विशाल चौहान, विशाल की पत्नी पूजा चौहान, विशाल की बेटियां वंशिका व महक, शंकर की बड़ी बेटी रीनूबाई, उनके पति हुकुम पंवार व रीनू का बेटा राजवीर एवं बेटी सतप्रीत निवासी आटूद जिला खंडवा कार से रवाना हुए। रास्ते में हुए हादसे में जमाई हुकुम, कार चालक मुकेश को छोड़कर अन्य सभी नौ लोगों की मौत हो गई। सोमवार शाम पांच बजे तक शव गांव नहीं पहुंचे थे, अंतिम संस्कार मंगलवार को होने की संभावना है।










































