बहुत सारे म्यूचुअल फंड निवेशक इस समय परेशान हैं। खासकर वे लोग जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में FD, PPF और दूसरी छोटी बचत योजनाओं से पैसा निकालकर ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू किया था।भारतीय शेयर बाजार ने अगर सबसे अधिक निराश और नुकसान पहुंचाया है तो वे रिटेल निवेशक हैं। कोरोना महामारी के बाद छोटे निवेशकों ने FD, पीपीएफ और स्मॉल सेविंग से इतर ज्यादा रिटर्न की लालच में म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना शुरू किया। इसकी बानगी SIP के जरिये हर महीने म्यूचुअल फंड में लगने वाले हजारों करोड़ रुपये से मिली। लेकिन बाजार ने ऐसा पासा पलटा कि अब निवेशकों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो क्या करें। पिछले तीन सालों में म्यूचुअल फंड ने एफडी से भी कम रिटर्न दिया है। वहीं, कई म्यूचुअल फंड स्कीम ने तो निगेटिव रिटर्न दिया है। अगर आप भी Mutual Fund निवेशक हैं और नुकसान में बैठे तो क्या करना चाहिए, आपको बताते हैं।
Q.म्यूचुअल फंड लंबे समय से नुकसान में, क्या पैसा निकाल लें?
A. अगर आपका म्यूचुअल फंड लंबे समय से नुकसान में है तो सिर्फ नुकसान देखकर फंड से बाहर निकलना सही रणनीति नहीं है। पहले यह समझना जरूरी है कि फंड खराब प्रदर्शन क्यों कर रहा है और क्या यह स्थिति अस्थायी है या लंबे समय से बनी हुई है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड को केवल एक साल के रिटर्न के आधार पर आंकना सही नहीं होता। शेयर बाजार में अलग-अलग समय पर अलग-अलग सेक्टर और निवेश रणनीतियां बेहतर या खराब प्रदर्शन करती हैं।इसलिए अगर आपका फंड एक साल से कमजोर प्रदर्शन कर रहा है तो तुरंत पैसा निकालने के बजाय कम से कम 3 से 5 साल के प्रदर्शन को देखें। साथ ही यह भी देखें कि फंड ने अपने बेंचमार्क और उसी कैटेगरी के दूसरे फंडों की तुलना में कैसा प्रदर्शन किया है।
अगर पूरा बाजार या पूरी कैटेगरी कमजोर है, तो केवल आपके फंड का गिरना चिंता की बड़ी वजह नहीं है। लेकिन अगर समान कैटेगरी के दूसरे फंड लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और आपका फंड पीछे रह रहा है, तो जांच जरूर करनी चाहिए।
Q. अगर मेरा म्यूचुअल फंड रिटर्न नहीं दे रहा तो क्या फंड बदलन देना चाहिए?
A. अगर कोई फंड लगातार कई वर्षों तक अपने बेंचमार्क और कैटेगरी के दूसरे फंडों से खराब प्रदर्शन कर रहा है तो सबसे पहले इसकी वजह समझनी चाहिए। इसके लिए कुछ सवाल जरूरी हैं। क्या फंड मैनेजर बदल गया है? क्या निवेश की रणनीति में बड़ा बदलाव हुआ है? क्या पोर्टफोलियो में बहुत ज्यादा जोखिम या किसी एक सेक्टर में जरूरत से ज्यादा निवेश है? क्या फंड अब आपके निवेश लक्ष्य के मुताबिक नहीं है? इन सवालों के जवाब अगर आपके पक्ष में नहीं हैं और खराब प्रदर्शन लगातार जारी है, तो फंड बदलना सही होगा।
Q. नए फंड के चुनाव में किन बातों का रखें ख्याल?
A. फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि अधिकांश निवेशक फंड बदलते समय एक गलती यह करते हैं कि वे पुराने फंड को बेचकर उस फंड में पैसा लगा देते हैं जिसने हाल में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। यह जरूरी नहीं कि आज का टॉपर अगले कुछ साल भी सबसे बेहतर प्रदर्शन करे। बाजार में फंड की रैंकिंग बदलती रहती है। इसलिए केवल पिछले एक साल के रिटर्न को देखकर नया फंड चुनने से बचें।
Q. अगर फंड नुकसान दे रहा है तो क्या SIP रोकना सही होगा?
A. अगर आपका म्यूचुअल फंड स्कीम लंबे समय से रिटर्न नहीं दे रहा है, तो SIP रोकना एक विकल्प हो सकता है। आप नई SIP किसी दूसरे फंड में शुरू कर सकते हैं और पुराने निवेश को कुछ समय के लिए बनाए रख सकते हैं। हालांकि, पैसा निकालने या एक फंड से दूसरे फंड में जाने से पहले टैक्स और एग्जिट लोड जरूर जांचें।










































