भारत में टेलीकॉम सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन, कंपनियों को यूजर्स का भरोसा जीतने में मुश्किलें आ रही हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि एक सर्वे में कहा गया है। हाल ही में LocalCircles द्वारा किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि 10 में से 8 से अधिक यानी लगभग 81 प्रतिशत मोबाइल यूजर्स ने बताया है कि टेलीकॉम सेवाओं का उपयोग करते समय उन्हें धोखा देने वाले “डार्क पैटर्न” (Deceptive Dark Patterns) का सामना करना पड़ा है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब देश में 5G ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है। लेकिन फिर भी टेलीकॉम कंपनियों को यूजर्स के गिरते भरोसे की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। इससे इस सेक्टर में ग्राहकों की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत साफ दिखाई दे रही है।बता दें कि इस सर्वे में देश भर के 341 जिलों से 74,000 से ज्यादा मोबाइल यूजर्स से सवाल पूछे गए थे।
सर्वे के नतीजों से पता चला कि 81% लोग यानी हर 10 में से 8 से ज्यादा यूजर्स जब भी टेलीकॉम सेवाओं या कस्टमर केयर से जुड़ा, तो उसके साथ कम से कम एक बार धोखेबाजी या चालाकी की गई।
लोकलसर्कल्स ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) से नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा गाइडलाइंस ऐसी गतिविधियों को रोकने में ज्यादा असरदार साबित नहीं हुई हैं।













































