अवैध संबंधों के शक में 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या, तालाब में फेंका शव,लामता पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, खून की एक बूंद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

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लामता थाना क्षेत्र के ग्राम परतापुर में तालाब में मिले 45 वर्षीय व्यक्ति के शव मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। शुरुआती जांच में संदिग्ध मौत लग रहा मामला दरअसल सुनियोजित हत्या निकला। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक सुरेंद्र मड़ावी की हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया था, ताकि घटना आत्महत्या या हादसा प्रतीत हो। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर मिली खून की एक बूंद सबसे अहम सुराग साबित हुई। जानकारी के अनुसार ग्राम परतापुर निवासी सुरेंद्र पिता अम्मूलाल मड़ावी उम्र 45 वर्ष 19 मई की रात घर से अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने 20 मई को थाना लामता में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दौरान गांव के तालाब में एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही लामता पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें मिलने के बाद हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि एफएसएल टीम और पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी दौरान तालाब से लगभग 500 मीटर दूर एक स्थान पर खून की बूंद के निशान मिले। पुलिस को यहीं से शक हुआ कि हत्या कहीं और की गई है और शव को बाद में तालाब में फेंका गया है। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे में गहन जांच और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की। वैज्ञानिक साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई। विवेचना में सामने आया कि मृतक सुरेंद्र मड़ावी के गांव की ही एक महिला से संबंध थे। महिला का पुत्र सोनू मड़ावी इस बात से नाराज रहता था कि सुरेंद्र लगातार उसके घर आता-जाता था। कई बार मना करने के बावजूद जब उसका आना-जाना बंद नहीं हुआ तो सोनू के मन में उसके प्रति गुस्सा बढ़ता गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सोनू मड़ावी ने अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ मिलकर सुरेंद्र की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत 19 और 20 मई की दरमियानी रात दोनों आरोपी सोनू के घर के पीछे खेत की मेढ़ पर अंधेरे में छिपकर बैठे थे। जैसे ही सुरेंद्र वहां पहुंचा, दोनों ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को घसीटते हुए गांव के पास स्थित तालाब तक पहुंचाया और पानी में फेंक दिया, ताकि मामला आत्महत्या या दुर्घटना लगे। पुलिस के अनुसार रास्ते में जहां-जहां खून गिरा था, वहां आरोपियों ने मिट्टी डालकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की। घटना में इस्तेमाल कुल्हाड़ियों को भी अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया था, जिनमें से एक कुल्हाड़ी पुलिस ने तालाब से बरामद की है। पुलिस ने मामले में सोनू मड़ावी पिता स्वर्गीय गोविंद मड़ावी उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम परतापुर थाना लामता तथा मिथुन सैयाम पिता स्वर्गीय फूलचंद्र सैयाम उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम परतापुर थाना लामता को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ियां, घटना के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन, खून लगी मिट्टी सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी लामता निरीक्षक छत्रपाल सिंह, थाना प्रभारी चांगोटोला शशांक राणा, एएसआई ईगल मरकाम, आरक्षक सतेंद्र बघेल, केशव सनौड़िया, विवेक मेश्राम, वीरेंद्र लोधी, राहुल गुर्जर, सुरेंद्र चौधरी, भारत मांझी, तिलक एडमे (साइबर सेल), महिला आरक्षक मनीषा, पूनम तथा एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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