‘ईरान की मदद यदि किसी देश ने की तो उस पर प्रतिबंध लगाएंगे’, SCO में पेजेश्कियन-PM मोदी मुलाकात पर रुबियो की धमकी

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मंगलवार को द ब्रायन किलमीड शो में ब्रायन किलमीड से बातचीत के दौरान जब रुबियो से भारत और ईरान के बीच हुई बैठक और किसी संभावित व्यापार समझौते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है।’Marco Rubio: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने धमकी देते हुए कहा है कि युद्ध के दौरान यदि कोई देश ईरान की मदद करता है तो अमेरिका उस पर प्रतिबंध लगाएगा। दरअसल, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बिश्केक में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच मुलाकात हुई और इस मुलाकात के दौरान पेजेश्कियान ने भारतीय पीएम से युद्ध खत्म कराने में अपनी भूमिका का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। इस मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरी। रुबियो ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान और भारत के बीच किसी कारोबारी डील पर बातचीत चल रही है।

हर देश अपनी विदेश नीति खुद तय करता है -रुबियो

मंगलवार को द ब्रायन किलमीड शो में ब्रायन किलमीड से बातचीत के दौरान जब रुबियो से भारत और ईरान के बीच हुई बैठक और किसी संभावित व्यापार समझौते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई व्यापार समझौता है।’ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आगे कहा कि हर देश अपनी विदेश नीति खुद तय करता है और दुनिया के कई देश ईरानी शासन के संपर्क में हैं। रुबियो ने कहा, ‘जाहिर तौर पर, हर देश अपनी विदेश नीति खुद बनाता है और दुनिया भर के कई देश ईरानी शासन से बातचीत करते हैं।’

‘अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए’

हालांकि, उन्होंने अमेरिका के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए। रुबियो ने कहा, ‘लेकिन अंततः क्या होता है—और राष्ट्रपति इस बारे में बिल्कुल स्पष्ट रहे हैं—कोई भी देश ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं कर सकता।’ उन्होंने आगे कहा, ‘किसी भी देश को ऐसे तंत्र बनाने में ईरान की मदद नहीं करनी चाहिए, जिनके जरिए वह राजस्व जुटाए और उस धन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने तथा परमाणु हथियार बनाने के लिए करे।’रुबियो ने प्रतिबंध लगाने की दी धमकी

रुबियो ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश ऐसे तंत्र को सुविधाजनक बनाने का फैसला करता है, तो अमेरिका उस पर भी प्रतिबंध लगा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘और अगर कोई देश ऐसा करने का फैसला करता है, तो हमें उस पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।’ इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ मुलाकात के दौरान तेहरान के साथ भारत की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि नई दिल्ली दोनों देशों के बीच व्यापार का विस्तार और विविधीकरण करना चाहती है।

पीएम मोदी ने बैठक के बारे में कहा…

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की। विभिन्न क्षेत्रों में भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। आने वाले समय में हम अपने व्यापारिक संबंधों का विस्तार और विविधीकरण करना चाहते हैं।’ प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

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