‘एडवांस्ड सोनार, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट’, भारत समुद्री महाशक्ति बनने की राह पर, जानें इन 3 स्वदेशी युद्धपोतों की खासियत

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 स्वदेशी युद्धपोतों को भारतीय नौसेना में कमीशन किया। इनमें दो तो स्वदेशी फ्रंटलाइन युद्धपोत हैं तो वहीं तीसरा सर्वे करने वाला पोत है। आइए आपको भारत के इन स्वदेशी युद्धपोतों के नाम और इनकी खासियत बताते हैं।

क्या हैं तीनों के नाम

  1. INS दूनागिरी
  2. INS अग्रय
  3. INS संशोधक

INS दूनागिरी

  • हिमालय की एक चोटी के नाम पर रखे गए INS दूनागिरी का निर्माण ‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत किया गया है।
  • यह नीलगिरि-क्लास का पांचवां फ्रिगेट है और इस क्लास का दूसरा ऐसा जहाज है जिसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने बनाया है।
  • आठ ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों और बराक-8 सरफेस-टू-एयर मिसाइलों से लैस यह स्टील्थ फ्रिगेट, हमले और बचाव के लिए बेहद ताकतवर और कई तरह के हथियारों से सुसज्जित है।

INS अग्रय

  • दुश्मन की पनडुब्बियों को ट्रैक करना इस युद्धपोत की खासियत है। उथले पानी में भी INS अग्रय बेहतरीन तरीके से काम कर सकता है।
    इसकी हथियार प्रणाली दमदार है।
  • आईएनएस अग्रय उथले पानी वाले सोनार सिस्टम से लैस है। भारत के इस युद्धपोत में स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर भी हैं। ये हल्के टॉरपीडो भी ले जा सकता है।
  • नौसेना का यह स्वदेशी युद्धपोत वाटर जेट प्रोपल्शन प्रणाली से चलता है। ये करीब 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते हुए शानदार पैंतरेबाजी भी कर सकता है।

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