नगर मुख्यालय से लगे ग्राम कोसमी के वार्ड क्रमांक 13 में सोमवार तड़के एक घर में लगी आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में घर में रखा पैरा, अनाज और अन्य घरेलू सामग्री उसकी चपेट में आकर जलकर राख हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए अपने ही मोहल्ले के एक व्यक्ति पर जानबूझकर आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज करने में लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम कोसमी निवासी तेजलाल नगपुरे के घर में 13 जुलाई की सुबह लगभग 3:30 बजे अचानक आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे परिवार की आंख उस समय खुली, जब घर के बाहर से धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। देखते ही देखते आग ने घर के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार के सदस्यों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया, जिसके बाद ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक घर में रखा पैरा, अनाज और अन्य जरूरी घरेलू सामग्री पूरी तरह जल चुकी थी। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि समय रहते ग्रामीण और दमकल की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो आग आसपास के अन्य मकानों तक भी फैल सकती थी। पीड़ित तेजलाल नगपुरे ने दावा किया है कि यह आग दुर्घटनावश नहीं लगी, बल्कि सुनियोजित तरीके से लगाई गई है। उनका कहना है कि उन्होंने और उनकी बेटी ने मोहल्ले के एक व्यक्ति को आग लगाते हुए अपनी आंखों से देखा है। घर में रखा पैरा, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे परिवार के सामने आजीविका और दैनिक जीवन का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत तत्काल दर्ज नहीं की गई। जबकि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इस कारण उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर चिंता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और आग से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।










































