क्या प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन ₹1000 से बढ़कर होगी ₹7500? सरकार ने संसद में दिया EPS पर जवाब

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EPS Pension Hike 2026 : अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य EPFO की पेंशन योजना का लाभ लेता है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। पिछले कई वर्षों से कर्मचारी संगठनों की मांग है कि एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह किया जाए।

लोकसभा में इस सवाल का जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सरकार का रुख साफ कर दिया है।

लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे ने पूछा था कि क्या सरकार न्यूनतम ईपीएस पेंशन को ₹7,500 प्रति माह करने की योजना बना रही है। इसका जवाब देते हुए राज्य मंत्री शोभ करंदलाजे ने बताया कि फिलहाल न्यूनतम ईपीएस पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने इस बारे में कोई समयसीमा भी नहीं बताई।

सरकार ने क्या कहा?

श्रम मंत्रालय के अनुसार सरकार का मकसद EPFO सदस्यों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा देना है, लेकिन इसके साथ-साथ पेंशन फंड की वित्तीय स्थिरता और भविष्य की जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना जरूरी है। सरकार ने कहा कि पेंशन योजना में किसी भी बदलाव के दौरान फंड की दीर्घकालिक क्षमता को ध्यान में रखना होगा।

ईपीएस का पैसा आता कहां से है?

सरकार ने संसद में बताया कि ईपीएस फंड मुख्य रूप से दो स्रोतों से बनता है। इसमें कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान के साथ ही केंद्र सरकार की ओर से 1.16% का अंशदान किया जाता है। यह वेतन की अधिकतम सीमा ₹15,000 के आधार पर तय होता है। इसी फंड से सभी को पेंशन का भुगतान किया जाता है। इसका हर साल एक्चुरियल वैल्यूएशन किया जाता है।

₹1000 की पेंशन पर भी सरकार का जवाब

सांसद ने यह भी पूछा कि क्या ₹1,000 से ₹2,000 मासिक पेंशन बुजुर्ग कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त है? इसे लेकर सरकार ने जवाब दिया कि फिलहाल EPS के तहत न्यूनतम ₹1,000 मासिक पेंशन दी जा रही है। यह राशि सरकार की बजटीय सहायता से दी जाती है और यह सरकार की तरफ से EPS में किए जाने वाले नियमित योगदान के अतिरिक्त है।

EPS-95 पेंशनर्स की क्या है मांग?

ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति लंबे समय से सरकार से मांग कर रही है कि न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह की जाए। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार किया जाए। हालांकि, सरकार ने अभी इन मांगों को स्वीकार करने का कोई संकेत नहीं दिया है।

EPS 2026 लागू, क्या बदला?

सरकार ने हाल ही में ईपीएस 2026 को अधिसूचित किया है, जिसने पुराने ईपीएस 1995 की जगह ले ली है। नई योजना में कई प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। मसलन, अब पेंशन क्लेम का निपटारा 20 दिनों के भीतर होगा। अगर निपटारे में इससे ज्यादा समय लगता है, तो देरी होने पर 12% ब्याज का प्रावधान किया गया है, जो अधिकारियों के वेतन से काटा जाएगा।

क्या भविष्य में बढ़ सकती है पेंशन?

सरकार ने संसद में यह नहीं कहा कि भविष्य में पेंशन कभी नहीं बढ़ेगी। लेकिन, फिलहाल ₹7,500 न्यूनतम पेंशन लागू करने का कोई प्रस्ताव या समयसीमा घोषित नहीं की गई है। इसलिए ईपीएस पेंशनर्स को अभी मौजूदा व्यवस्था के तहत ही पेंशन मिलती रहेगी।

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