शादी के दबाव के चलते छोड़ा था घर
पंजाब के कपूरथला जिले में पति के साथ रह रही थी महिला
बालाघाट। जिले के रामपायली थाना क्षेत्र के ग्राम भेंडारा निवासी 30 वर्षीय करिश्मा पिता शंकरलाल उपवंशी को पुलिस ने करीब तीन साल बाद पंजाब से दस्तयाब किया है। वर्ष 2023 में महिला की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी। लंबे समय तक तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। इसी बीच वर्ष 2026 में महिला के पिता के घर पंजाबी भाषा में लिखा आधार कार्ड पहुंचने से पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके आधार पर रामपायली पुलिस की टीम करीब 1500 किलोमीटर का सफर तय कर पंजाब के कपूरथला जिले के मुरादपुर पहुंची और महिला को दस्तयाब कर लिया।
पुलिस पूछताछ में करिश्मा ने बताया कि घर में रिश्तेदार उस पर शादी करने का दबाव बना रहे थे। शादी के डर से वह घर छोड़कर चली गई थी। घर से निकलने के बाद वह जबलपुर पहुंची जहां कुछ दिन अपनी सहेली के घर रही। इसके बाद वह अमृतसर चली गई। वहां उसकी मुलाकात हरजीत सिंह से हुई जिसके साथ उसने शादी कर ली। इसके बाद वह हरजीत सिंह के साथ पंजाब के मुरादपुर में रहने लगी।महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मर्जी से पंजाब में रह रही है और उसके साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी नहीं हुई है। महिला के बयान के अनुसार उसके घर छोड़ने की वजह शादी को लेकर बनाया जा रहा दबाव था।वर्ष 2023 से लापता महिला का तीन साल बाद पता लगने से उसके परिजनों को भी राहत मिली है। आधार कार्ड से मिले सुराग के आधार पर रामपायली पुलिस द्वारा पंजाब पहुंचकर महिला को दस्तयाब करना इस मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।










































