नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगा ब्रेक, भारी बारिश से बिगड़ा मौसम; बढ़ते नदी स्तर के बीच लोगों को किया गया रेस्क्यू

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नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश के बीच राहत-बचाव अभियान मुश्किल हो गया है। त्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ने और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर रेस्क्यू रोकना पड़ा है। हाइड्रोपावर की टनल में 933 मजदूरों के फंसे होने की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। भारत ने राहत सामग्री के साथ नेपाल के लिए एक और विमान भेजा है।Nepal Flash Flood: नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश के बीच राहत एवं बचाव अभियान प्रभावित हुआ है। त्रिशूली क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मौसम की स्थिति खराब हो गई, जिसके चलते हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को फिलहाल अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा है। स्थिति इसलिए भी गंभीर बनी हुई है क्योंकि त्रिशूली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ने के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाते हुए आसपास के इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

हाइड्रोपावर की टनल में 933 मजदूर फंसे

इस त्रासदी में अब तक 587 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 2500 से लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद 290 भारतीय नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है और उनकी तलाश के प्रयास लगातार जारी हैं। चिंता की बात है कि हाइड्रोपावर की टनल में 933 मजदूर फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने के लिए नेपाल ने भारत से मदद मांगी है। भारत ने 10 टन राहत सामग्री के साथ एक और विमान काठमांडू भेजा है। वहीं, नेपाल ने रेस्क्यू किए गए विदेशी नागरिकों की सूची जारी की है।

हेलिकॉप्टर से नहीं हो सका रेस्क्यू

बचाव अभियान में हेलिकॉप्टर की मदद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन त्रिशूली में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण उड़ान संभव नहीं हो सकी। अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक राहत और बचाव दल को पहुंचाना है।बढ़ता नदी का जलस्तर बढ़ा रहा चिंता

भारी बारिश के बीच त्रिशूली नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खतरा बढ़ गया है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। नेपाल में पहले से ही बाढ़ और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। ऐसे में बारिश के दोबारा तेज होने और नदी का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

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