बालाघाट
लामता थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक भीमराज उइके के विरुद्ध उनकी पत्नी ने बिना तलाक लिए सहमति के बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाई। मंडला जिले के एक शासकीय शिक्षा संस्था में प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थ इस 45वर्षीय महिला के द्वारा की गई रिपोर्ट पर चांगोटोला पुलिस थाने में उनके पति भीमराज उइके के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस महिला का मायका परसवाड़ा थाना क्षेत्र का है। जिसकी शादी 15 मई 2007 में भीमराज उइके के साथ सामाजिक रीति रिवाज से हुई है। जिनकी एक बेटी है। यह महिला मंडला जिले के एक शासकीय शिक्षण संस्था में प्रधानाध्यापक है और वह अपनी बेटी के साथ नैनपुर में ही रहती है। भीमराज कभी कभी अपनी बेटी से मिलने नैनपुर आया करते थे। बताया गया है कि भीमराज उइके जब चांगोटोला थाना में पदस्थ थे उस समय सेमर टोला निवासी एक बच्चे की मां उसके घर आना-जाना किया करती थी। उस समय कई बार समझाएं दी गई। परंतु भीमराज के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। पिछले वर्ष भीमराज उइके ने नैनपुर जाकर अपनी पहली पत्नी से दूसरी शादी करने के लिए सहमति मांग रहे थे। किंतु उन्होंने मना कर दी थी। जिसके बाद पहली पत्नी से अनुमति लिए बिना 19 मई 2026 को भीमराज ने सेमरटोला निवासी महिला से शादी कर ली। जिससे उनकी पहली पत्नी मानसिक रूप से परेशान हो गई। और उन्होंने चांगोटोला थानां पहुंचकर शिकायत कर दी। चांगोटोला पुलिस ने इस मामले में भीमराज उइके के विरुद्ध पहली पत्नी की अनुमति के बिना शादी कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में धारा 82(1),85 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। जिसकी विवेचना की जा रही है।










































