नई दिल्ली: सफलता कभी रातों-रात नहीं मिलती। इसके पीछे लगातार मेहनत, मुश्किलों का सामना करने और सही मौके को पहचानने की क्षमता होती है। ऐसी ही कहानी है आशीष पांडे और सुमित कुमार की, जिन्होंने नोएडा में रात की शिफ्ट में नौकरी करते हुए एक ऐसा बिजनेस शुरू किया, जो आज करीब 62 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है।
दोनों ने साल साल 2021 में महज 10 लाख रुपये की अपनी बचत से बायबाय टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की और इसके तहत बायबाय कार्ट (BuyBuyCart- BBC) लॉन्च किया। आज कंपनी करीब 300 किराना स्टोर्स के नेटवर्क तक पहुंच चुकी है और साल 2030 तक इसे 1000 से ज्यादा स्टोर्स तक ले जाने का लक्ष्य है।
कैसे हुई शुरुआत?
साल 2021 में आशीष और सुमित दिल्ली-एनसीआर में एक अमेरिकी पेरोल प्रोसेस के लिए नाइट शिफ्ट में नौकरी करते थे। उस दौरान देश में क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन राशन डिलीवरी ऐप्स का चलन काफी बढ़ रहा था, जिससे पास-पड़ोस के पारंपरिक ‘किराना स्टोर’ का धंधा मंदा पड़ रहा था।
दोनों ने किराना दुकानों को पुराना बिजनेस मानकर नजरअंदाज नहीं किया। उन्हें लगा कि इन दुकानों की सबसे बड़ी ताकत ग्राहकों का भरोसा है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन दुकानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर सिस्टम से जोड़ा जाए। यहीं से BuyBuyCart का आइडिया आया।
दिन में बिजनेस, रात में नौकरी
दोनों दिन के समय दुकानदारों से मिलते, राशन का सामान संभालते, डिलीवरी करते और वेंडर्स से मोलभाव करते थे। वहीं, रात के समय अपने-अपने परिवारों को आर्थिक सहारा देने और बिजनेस फंड जुटाने के लिए नौकरी करते थे।
चुनौतियां और मुश्किल वक्त
शुरुआती दौर में दोनों को अकेले ही सारा काम करना पड़ता था। सामान लोड-अनलोड करने से लेकर बिलिंग और डिलीवरी तक का काम वे खुद ही संभालते थे।
इस दौरान एक बड़ी मुसीबत तब आई, जब पूर्वोत्तर भारत जा रहा उनके सामान से भरा ट्रक एक हफ्ते तक गायब रहा। बाद में पता चला कि ड्राइवर ने सामान उतारकर अवैध शराब की तस्करी की थी। इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक और कानूनी नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय अपनी सप्लाई चेन को और ज्यादा मजबूत किया।










































