हाल ही में वर्ष 2019 में ली गई एमपीपीएससी परीक्षा के परिणाम घोषित किये गये। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा के रिजल्ट में बालाघाट की प्रतिभा शेखर उईके ने सफलता हासिल की हैं। जिन्होने अपने पहले प्रयास में ही इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया। शेखर उईके का आदिम जाति कल्याण विभाग में जिला संयोजक के पद पर चयन हुआ हैं। ज्ञात हो कि शेखर उईके प्रारंभ से ही होनहार प्रतिभा के धनी रहे हैं। बालाघाट में सहाकारिता उपायुक्त कार्यालय में सहायक ग्रेड-1 के पद पर पदस्थ पीतम लाल उईके के सुपुत्र शेखर उईके की माताजी श्रीमती अनिता उईके गृहणी हैं। परिवार में दो बहनें में एक एमएससी केमेस्ट्री से व दूसरी बीएससी एग्रीकल्चर से कर रही हैं। दादा-दादी से भरा पूरा परिवार हैं। वैसे तो उनका मूल निवास जिला मंडला के बिछिया अंतर्गत ग्राम बीजेगांव हैं,पर वर्तमान में वे बालाघाट में वार्ड नम्बर 28 सरस्वती नगर में ही निवासरत हैं।
परिजनों का मिला भरपूर सहयोग
शेखर उईके की प्रारभिंक शिक्षा कक्षा दसवी तक जिला सिवनी में और कक्षा 11वी व 12वी बालाघाट में उत्कृष्ट स्कूल से हुई हैं। इसके पश्चात उन्होने अग्रिम पढ़ाई बीटेक वर्ष 2018 मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल से की। एमपीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में शेखर उईके ने इसका श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही अपने बड़े पापा गोंविद प्रसाद उईके सहायक प्रशासनिक अधिकारी वारासिवनी एलआईसी और चाचा कन्हैया लाल उईके सहायक प्रशासनिक अधिकारी सिवनी एलआईसी और दादा-दादी को दिया हैं। इनके मार्गदर्शन में ही उन्होने यह सफलता हासिल की हैं। चूंकि अब उनका चयन आदिम जाति कल्याण विभाग में जिला संयोजक के लिये हुआ हैं तो निश्चित ही इस विभाग के माध्यम से वह शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन करने की भूमिका का निवर्हन करेगें। हितग्राहियों को संबंधित विभाग के माध्यम से लाभान्वित किये जाने का प्रयास करेगें।
लक्ष्य तय करके ही हासिल की जा सकती है सफलता- उइके
एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण होने, और मिले पद को लेकर की गई चर्चा के दौरान शेखर उईके ने खुशी जाहिर करते हुये संदेश दिया कि प्रतिभा किसी भी परिवेश की हो वह अध्ययन को गंभीरता से लेवें, पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे और लक्ष्य तय करें तो निश्चित ही सफलता हासिल होती हैं। वह भी इसी तरह के लक्ष्य तय कर प्रथम प्रयास में ही सफल हुये हैं।









































