Digital Arrest Scam: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अब डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। एजेंसी एक AI-पावर्ड चैटबॉट लॉन्च करने जा रही है, जिसकी मदद से आम लोग अपने पास आए किसी भी नोटिस की सच्चाई जांच सकेंगे। इस चैटबॉट का नाम ‘Abhay’ रखा गया है।
CJI करेंगे चैटबॉट का लॉन्च
PTI/भाषा के मुताबिक इस चैटबॉट को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा द्वारा लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च 22वें डी.पी. कोहली मेमोरियल लेक्चर के दौरान होगा, जिसे CBI अपने संस्थापक निदेशक के सम्मान में आयोजित करती है। इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश ‘साइबर क्राइम की चुनौतियां, पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान भी देंगे और 24 मेधावी सेवा पदक भी प्रदान करेंगे।
कैसे काम करेगा ‘Abhay’ चैटबॉट?
‘Abhay’ एक AI आधारित नोटिस वेरिफिकेशन टूल होगा, जो लोगों को यह जांचने में मदद करेगा कि उनके पास आया नोटिस असली है या फर्जी। खासतौर पर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामलों में यह टूल बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, जहां ठग खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और फर्जी नोटिस दिखाकर पैसे ऐंठते हैं।
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का बढ़ता खतरा
हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां साइबर अपराधी CBI अधिकारी बनकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते हैं। वे नकली केस और फर्जी नोटिस दिखाकर पीड़ितों को मानसिक रूप से दबाव में डालते हैं और करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर चिंता जताते हुए बताया कि साइबर अपराधियों ने अलग-अलग ठगी के जरिए करीब 54,000 करोड़ रुपये की रकम हड़प ली है और इसे “डकैती” जैसा अपराध बताया।
डी.पी. कोहली मेमोरियल लेक्चर का महत्व
यह लेक्चर साल 2000 से आयोजित किया जा रहा है और इसमें कई प्रतिष्ठित हस्तियां हिस्सा ले चुकी हैं। डी.पी. कोहली, जिनका जन्म 1907 में उत्तर प्रदेश में हुआ था, भारत में CBI के पहले निदेशक थे। उन्होंने 1963 में CBI की स्थापना के बाद 1968 तक अपनी सेवाएं दीं।
जागरूकता और सुरक्षा की दिशा में कदम
CBI का यह नया चैटबॉट न केवल लोगों को फर्जी नोटिस से बचाने में मदद करेगा, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता भी बढ़ाएगा। डिजिटल दौर में इस तरह के टूल आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकते हैं।












































