भारत के पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता ब्रूनो कौटिन्हो का मानना है कि ब्राज़ील, उरुग्वे और पनामा जैसी टीमों का सामना करने से भारत को बहुत कीमती अनुभव मिलेगा और इससे राष्ट्रीय टीम को बेहतर बनने में मदद मिलेगी।स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। सितंबर-अक्टूबर के FIFA विंडो के दौरान इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों के लिए वर्ल्ड कप खेलने वाले तीन देशों के भारत आने की तैयारी है। ऐसे में भारतीय फुटबॉल हाल के समय की अपनी सबसे बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार हो रहा है। एक रिलीज के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान ब्रूनो कौटिन्हो के लिए ये मैच खिलाड़ियों को दुनिया की कुछ सबसे मजबूत फुटबॉल टीमों के खिलाफ खुद को परखने और उस अनुभव से सीखने का मौका देते हैं।
कौटिन्हो ने 1980 के दशक के आखिर से लेकर 2001 तक भारतीय राष्ट्रीय टीम में अहम भूमिका निभाई। उन्हें उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार मिला। उन्होंने भारत के लिए 44 मैच खेले और 1996 में AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर चुने गए। हाल के सालों में वह भारतीय फुटबॉल से गहराई से जुड़े रहे हैं और ग्रासरूट डेवलपमेंट, स्टेट एंबेसडरशिप और कोचिंग मेंटरशिप पर ध्यान दे रहे हैं।
‘एक या दो मैच सब कुछ नहीं बदल सकते’
उन्होंने रिलीज में कहा, ‘ब्राजील और उरुग्वे बहुत मुश्किल प्रतिद्वंद्वी हैं। हर कोई जानता है कि वे कितने मजबूत हैं और कितनी लगातार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करते हैं। भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल होगा, लेकिन उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए और अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलना चाहिए। चाहे हम जीतें या हारें, हम अपनी गलतियों से सीख सकते हैं। एक या दो मैच सब कुछ नहीं बदल सकते। भारत को लगातार काम करना होगा और एक फुटबॉल देश के तौर पर बेहतर होना होगा। हमें ऐसे और बड़े मैच खेलने होंगे।’










































