ग्वालियर में बलराम जयंती पर CM मोहन यादव ने किसानों को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि अन्नदाता सर्वोपरि है और सिंचाई, बिजली, कर्ज से लेकर सहकारिता तक किसानों को राहत देने पर सरकार का विशेष फोकस है। अगले ढाई साल में सिंचाई का रकबा 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।ग्वालियर: भगवान श्री बलराम की जयंती के अवसर पर ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताया। किसानों पर पुष्पवर्षा कर सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि है और खेतों से लेकर किसानों के खातों तक उनके कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना और प्रदेश में नव-पंजीकृत 200 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कार्यालयों का शुभारंभ किया गया।किसानों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भगवान बलराम ने कृषि को प्रकृति से जोड़कर स्वावलंबन का संदेश दिया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। किसान अपने परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है और सरकार किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, 200 नवीन पंजीकृत पैक्स समितियों के कार्यालय और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का शुभारंभ किया गया।
60 लाख से 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचाई का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में फिलहाल 60 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। सरकार का लक्ष्य अगले ढाई वर्षों में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख यानी 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाना है।उन्होंने बिजली उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता अब 31 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने के साथ अब दिन में भी बिजली देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
साल में कभी भी कर्ज चुका सकेंगे किसान
सीएम ने किसानों के लिए कर्ज चुकाने की व्यवस्था में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अब हर छह महीने में खाता पलटने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत किसान साल में किसी भी समय अपनी कर्ज राशि जमा कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने किसानों से पारंपरिक अनाज की खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को भी अपनाने की अपील की। उन्होंने ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं।
पशुपालन, मत्स्य और कुक्कुट पालन पर भी जोर
सरकार कृषि के साथ पशुपालन और अन्य संबद्ध गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना शुरू की गई है। इसके अलावा किसानों को मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।किसान जमीन न बेचें: CM
सीएम यादव ने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश खेती के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं।










































