MP Waqf Board: एमपी वक्फ बोर्ड ने भोपाल में अपनी संपत्तियों पर कब्जा को लेकर सख्त कदम उठाया है। कब्जाधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। साथ ही उन्हें 28.91 करोड़ रुपए की रिकवरी का नोटिस भी भेजा है।भोपाल: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने शाहिद अलीम खान और अन्य लोगों को खिलाफ यतीमखाना वक्फ प्रॉपर्टी और अवैध इज्तिमा मार्केट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर एफआईआर दर्ज की है। साथ ही 28.91 करोड़ रुपए की रिकवरी का नोटिस जारी किया हैशाहजहानाबाद थाने में एफआईआर
वक्फ बोर्ड ने एफआईआर शाहजहानाबाद थाने में एफआईआर कराई है। पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और 316(2) के तहत दर्ज की गई है।
2.71 एकड़ में है संपत्ति
एमपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन संवर पटेल ने कहा कि भोपाल स्थित यतीमखाना वक्फ प्रॉपर्टी लगभग 2.71 एकड़ में फैली हुई है। 24 नवंबर 1961 से मध्य प्रदेश गजट में इसे वक्फ प्रॉपर्टी के दौरान अधिसूचित किया गया है।
वक्फ की प्रॉपर्टी है हमारी
पटेल ने कहा कि इदारा यतीमखाना हमारी वक्फ प्रॉपर्टी है जो भोपाल में स्थित है। यह 2.71 एकड़ में फैली है और शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण इसकी कीमत सैकड़ों करोड़ रुपए में है। लेकिन दार-उल-शफकत सोसाइटी नाम की एनजीओ ने शुरू में वक्फ प्रॉपर्टी के एक हिस्से पर अपनी गतिविधियां शुरू कीं और धीरे-धीरे पूरी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया।सलाना दो करोड़ रुपए की कमाई
एमपी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि इस प्रॉपर्टी पर एक इज्तिमा मार्केट भी लगता है, जिससे सलाना लगभग दो करोड़ रुपए की कमाई होती है। उन्होंने जीवन रेखा अस्पताल को भी किराए पर दिया और वक्फ को पैसे देने या कल्याणकारी कार्यों में इस्तेमाल करने के बजाए, वे पैसे अपनी जेब में डालने लगे।
सामने आईं गड़बड़ियां
उन्होंने कहा कि नया वक्फ कानून लागू होने और प्रॉपर्टीज के डिजिटाइज होने और पोर्टल पर विवरण दर्ज किए जाने के बाद, ऐसी प्रॉपर्टीज से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं जो कथित तौर पर सालों से वक्फ माफिया के नियंत्रण में थीं। डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया से ये गतिविधियां सामने आईं और अधिकारियों ने इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद की है।










































