क्या शेयर बाजार में रिकवरी के साथ लौटेगी IPO की बहार, कहां अटके साल के सबसे बड़े इश्यू?

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शेयर बाजार की हालिया रिकवरी ने IPO बाजार में नई उम्मीद जगा दी है, लेकिन 2026 के सबसे बड़े इश्यू अभी भी पूरी तरह लाइन में नहीं आए हैं। NSE को मंजूरी मिल चुकी है, Jio के लिए नियम आसान हुए हैं, जबकि PhonePe ने हालात सुधरने का इंतजार चुना है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या IPO की बहार लौटेगी या बड़ी डील्स अभी और टलेंगी।

रिकवरी ने बढ़ाई उम्मीद

मार्च और अप्रैल 2026 में भारतीय बाजारों पर भारी विदेशी बिकवाली का दबाव रहा और चार महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटीज़ से 20 अरब डॉलर से ज्यादा निकाल लिए। इसके बावजूद इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में मार्च में 404.5 अरब रुपये का निवेश आया, जो 8 महीने का उच्च स्तर था। यही घरेलू समर्थन IPO पाइपलाइन को ज़िंदा रखे हुए है।

सबसे बड़े इश्यू क्यों अटके हैं?

बड़ी कंपनियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती वैल्यूएशन नहीं, टाइमिंग है। PhonePe ने मार्च में बढ़ी भू-राजनीतिक अस्थिरता और बाजार उतार-चढ़ाव के कारण अपना IPO अस्थायी रूप से रोक दिया। कंपनी का इश्यू पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल होगा, जिसमें Walmart, Tiger Global और Microsoft हिस्सेदारी बेचेंगे।NSE IPO का रास्ता साफ

NSE का मामला इसके उलट है। देश के सबसे बड़े एक्सचेंज ने हाल ही में 8% तिमाही मुनाफा दर्ज किया है। रेगुलेटरी अड़चनें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं। एक्सचेंज ने IPO प्रक्रिया के लिए कमेटी भी बना ली है। Jio के लिए भी 5% की जगह 2.5% न्यूनतम पब्लिक फ्लोट की नई व्यवस्था ने रास्ता आसान कर दिया है।

कौन आगे है, कौन इंतजार में?

पाइपलाइन में सिर्फ यही तीन नाम नहीं हैं। यूज़र-शेयर किए गए दस्तावेज़ के मुताबिक Jio, NSE, PhonePe के अलावा SBI Fund Management, Flipkart, Zepto, Manipal Health, Bagmane Prime Office REIT और OYO जैसे नाम भी कतार में हैं। इसी दस्तावेज़ में कहा गया है कि बड़े इश्यू अब ग्रोथ स्टोरी से ज्यादा कैश फ्लो, गवर्नेंस और वैल्यूएशन टेस्ट पर टिकेंगे। Manipal Health ने मार्च 2026 में करीब 1.17 अरब डॉलर के IPO के लिए फाइलिंग की है, जबकि उसमें fresh issue और OFS दोनों शामिल हैं। यह संकेत है कि हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर-जैसे सेक्टर अभी भी पूंजी बाजार की प्राथमिकता में हैं।

बाजार में स्थिरता का इंतजार

निष्कर्ष साफ है कि 2024 और 2025 जैसे IPO की बहार अब देख पाना थोड़ा मुश्किल है। क्योंकि, ज्यादातर कंपनियां बाजार की रफ्तार और स्थिरता पर नजरें गढ़ाए हैं। अगर रिकवरी टिकती है, तो Jio और NSE जैसे मेगा इश्यू नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। लेकिन, अगर वैश्विक जोखिम और विदेशी बिकवाली बनी रही, तो PhonePe जैसे कई बड़े नाम अभी और प्रतीक्षा में रह सकते हैं।

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